Guwa : सारंडा वन प्रमंडल की सहायक पदाधिकारी (आईएफएस) अनुराधा मिश्रा ने रविवार को गुवा प्रक्षेत्र में संचालित वन संरक्षण एवं विकास योजनाओं का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वृक्षारोपण, जल संरक्षण और वन सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों का जायजा लेते हुए अधिकारियों एवं वनकर्मियों को योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत कारो नदी तट पर किए गए वृक्षारोपण स्थल से हुई। यहां उन्होंने लगाए गए पौधों की वृद्धि, उनकी सुरक्षा के लिए की गई फेंसिंग तथा रखरखाव की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर तैनात कैटल वॉचरों से पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और संरक्षण संबंधी जानकारी ली तथा कहा कि वृक्षारोपण तभी सफल माना जाएगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित हो और उनकी जीवित रहने की दर अधिक से अधिक हो।
इसके बाद सहायक पदाधिकारी ने क्षेत्र में निर्मित नए चेक डैम, जीर्णोद्धार किए गए चेक डैम तथा वॉच टावर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता और वन एवं जल संरक्षण में उनकी भूमिका का आकलन किया। उन्होंने कहा कि चेक डैम वर्षा जल के संरक्षण, भू-जल स्तर बढ़ाने और वन क्षेत्र की हरियाली बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि वॉच टावर वन सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।
अनुराधा मिश्रा ने संबंधित वनकर्मियों को निर्देश दिया कि सभी विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा पौधों की सुरक्षा और संरचनाओं के रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान गुवा प्रक्षेत्र के वनरक्षी कमल महतो, छोटेलाल मिश्रा, शंकर दास सहित अन्य वनकर्मी उपस्थित रहे। निरीक्षण का उद्देश्य वन संरक्षण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना था।

















