चार वर्षों से मानवता की मिसाल बने कांग्रेस नेता सलीम कुरैशी, सड़क हादसे के पीड़ित कुशनु चंपिया का बने सहारा

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Chaibasa :  समाज सेवा केवल भाषणों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंदों के साथ खड़े होकर उसे निभाया जाता है। इसका उदाहरण कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी सलीम कुरैशी ने पेश किया है। पिछले चार वर्षों से वे सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए कुशनु चंपिया और उनके परिवार के लिए लगातार सहारा बने हुए हैं।

पश्चिमी सिंहभूम जिले के नूईया गांव निवासी कुशनु चंपिया वर्ष 2022 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनके पैर और कमर की हड्डियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। प्रारंभिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने आगे इलाज के लिए दोबारा आने की सलाह दी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण वे अस्पताल नहीं पहुंच सके। परिणामस्वरूप वह लगभग एक वर्ष तक बिस्तर पर पड़े रहे। परिवार की खराब आर्थिक स्थिति, छोटे बेटे और वृद्ध मां की जिम्मेदारी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं।

वर्ष 2023 में जब इस मामले की जानकारी कांग्रेस नेता सलीम कुरैशी को मिली, तो उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के कुशनु चंपिया के इलाज की जिम्मेदारी उठाई। अपनी गाड़ी से उन्हें रांची ले जाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार कराया। नियमित इलाज और दवाइयों के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा और सामान्य जीवन की उम्मीद फिर से जागी।

सलीम कुरैशी ने केवल इलाज तक ही अपनी मदद सीमित नहीं रखी। पिछले चार वर्षों से वे समय-समय पर कुशनु चंपिया के परिवार को दवाइयां, राशन, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, करीब एक वर्ष पहले नूईया गांव के एक अन्य जरूरतमंद परिवार के बच्चों के भोजन और राशन की जिम्मेदारी भी उन्होंने अपने ऊपर ली थी, जिसे आज भी नियमित रूप से निभा रहे हैं।

सलीम कुरैशी ने कहा कि समाज के कमजोर और असहाय लोगों की सहायता करना हर सक्षम व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। उनका प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इलाज, भोजन या अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान न रहे।

स्थानीय ग्रामीणों ने उनकी इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुआसाई, ठाकुर और नूईया जैसे आदिवासी बहुल गांवों में सलीम कुरैशी हमेशा जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़े रहते हैं। चाहे गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था करनी हो, गरीब परिवारों तक राशन पहुंचाना हो या अन्य सामाजिक सहयोग देना हो, वे हर संभव सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।

ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि समाज के अन्य सक्षम लोग भी ऐसी पहल से प्रेरणा लेकर जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएंगे, जिससे मानवता और सामाजिक सहयोग की भावना और मजबूत हो सके।

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