Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा है कि एमजीएम अस्पताल में कार्यरत होमगार्ड जवानों और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लंबित वेतन का भुगतान जल्द कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से बातचीत हुई है। स्वास्थ्य मंत्री ने बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान कराने के साथ अस्पताल में पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की बहाली का भी आश्वासन दिया है।
सरयू राय ने बताया कि हाल ही में वे उस महिला होमगार्ड जवान से मिलने गए थे, जिसने कई महीनों से वेतन नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी से परेशान होकर फिनाइल पी लिया था। इस दौरान अस्पताल के अन्य होमगार्ड जवानों और आउटसोर्सिंग कर्मियों ने भी उन्हें बताया कि उन्हें पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने लगातार दो दिनों तक एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने जानकारी दी कि आउटसोर्सिंग कर्मियों को ठेकेदार की ओर से कुछ राशि दी जा रही है, लेकिन होमगार्ड जवानों को पिछले पांच महीनों से एक भी रुपये का भुगतान नहीं हुआ है।
विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में लंबित वेतन भुगतान के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति का भी भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
सरयू राय ने नगर निकायों में कार्यरत सफाईकर्मियों, ठेका एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों के वेतन भुगतान में कथित अनियमितताओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के सफाईकर्मियों ने शिकायत की है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान किया जा रहा है। साथ ही निर्धारित संख्या से कम मजदूरों से अधिक काम लिया जा रहा है तथा पीएफ और ईएसआई भुगतान में भी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
उन्होंने बताया कि श्रम विभाग के अनुसार मानगो, जमशेदपुर, जुगसलाई और आदित्यपुर के नगर निकायों में अकुशल मजदूरों के लिए 515 रुपये प्रतिदिन तथा 13,385 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम मजदूरी निर्धारित है, जो अप्रैल से लागू है। इसके बावजूद कई श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी नहीं मिल रही है।
सरयू राय ने नगर विकास मंत्री से मांग की कि नगर निकायों में कार्यरत सभी श्रमिकों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो श्रमिक हित में आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए वे विवश होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को अल्प वेतनभोगी श्रमिकों के हितों की रक्षा करना अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी माननी चाहिए।
















