Jamshedpur : सामाजिक संस्था युवा (यूथ फॉर यूनिटी वॉलंटरी एक्शन) एवं गर्ल्स फर्स्ट फंड के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को साकची स्थित होटल कैनेलाइट में बाल विवाह एवं बाल संरक्षण विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पोटका प्रखंड, जमशेदपुर एवं पश्चिम सिंहभूम के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना था। कार्यक्रम में प्रतिज्ञा संस्था, रांची के सचिव अजय कुमार मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सहभागितापूर्ण गतिविधियों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान बच्चों के अधिकार, बाल विवाह के कारण एवं दुष्परिणाम, बाल विवाह और मानव तस्करी के बीच संबंध, शिक्षा पर इसके प्रभाव, बाल विवाह रोकने में समुदाय, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और कानून की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सरकारी एवं सामुदायिक कर्तव्यपालकों की जिम्मेदारियां, बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधान और दंड, ऑनलाइन दुर्व्यवहार, शिकायत एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया, बच्चों के साथ होने वाले शोषण की पहचान और रोकथाम तथा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी साझा की गई।
युवा संस्था की सचिव वार्णली चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में कहा कि पंचायतों की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्रों में होने वाले बाल विवाह की घटनाओं पर जवाबदेही सुनिश्चित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि ग्राम सभाओं में बाल विवाह, मानव तस्करी और बच्चों के पलायन जैसे संवेदनशील विषयों को प्राथमिकता से शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बाल संरक्षण संबंधी विषयों को अपने नियमित शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों का हिस्सा बनाएं।
कार्यशाला में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई बार बाल विवाह की सूचना मिलने के बावजूद लोग पहचान उजागर होने के डर से शिकायत दर्ज कराने से बचते हैं। प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि अभिभावक-शिक्षक बैठकों में बाल विवाह और बाल संरक्षण जैसे विषयों पर नियमित चर्चा होनी चाहिए, ताकि समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़े और समय रहते हस्तक्षेप संभव हो सके।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार अन्नी अमृता विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस अवसर पर युवा संस्था के बोर्ड सदस्य नरेंद्र, ऊषा सबीना देवगम और नीता बोस भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका अनिता शर्मा और शिक्षक मनोज कुमार सिंह को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर परियोजना समन्वयक चांद मनी सवैयाँ ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला की सफलता में योगदान देने वाले युवा संस्था के कार्यकर्ताओं चांदमनी, अंजना, कापरा, रीला, चंद्रकला, अवंती, किरण, हेमंती एवं सिकंदर अरूप के प्रयासों की सराहना की।









