Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के नागरिकों एवं सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों को आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से सोमवार को पांच दिवसीय आपदा प्रबंधन एवं बचाव प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। 15 जून से 19 जून 2026 तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन बिष्टुपुर स्थित सिविल डिफेंस कार्यालय, बी रोड में किया जा रहा है, जहां राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के विशेषज्ञ अधिकारी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
यह कार्यक्रम आयुक्त, नागरिक सुरक्षा, झारखंड तथा कमांडेंट, एनडीआरएफ पटना के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण शिविर में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 70 प्रतिभागी उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला प्रशासन के अपर समाहर्ता (एडीएम) राहुल आनंद, एनडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर कवि रंजन शर्मा तथा सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अरुण कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उद्घाटन अवसर पर एडीएम राहुल आनंद ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आपदा की घड़ी में समाज की सेवा के लिए समर्पण और तत्परता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और सीखे गए कौशल को समाजहित में उपयोग करने का आह्वान किया।
एनडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर कवि रंजन शर्मा ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार की विशेष पहल के तहत देश के प्रमुख सिविल डिफेंस जिलों में ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाना है।
सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अरुण कुमार ने कहा कि जिला नागरिक सुरक्षा संगठन समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है, लेकिन एनडीआरएफ जैसी विशेषज्ञ एजेंसी द्वारा दिया जा रहा यह प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक है। उन्होंने प्रतिभागियों से जीवन रक्षक तकनीकों को गंभीरता से सीखने और आपदा के समय समाज के लिए उपयोगी बनने का आग्रह किया।
प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव कार्य, आपातकालीन प्रतिक्रिया, राहत संचालन तथा विभिन्न प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक गुर सिखाए जाएंगे।
कार्यक्रम के सफल संचालन की जिम्मेदारी सिविल डिफेंस कार्यालय के प्रभारी सुरेश प्रसाद के नेतृत्व में निभाई जा रही है। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण से जिले में आपदा के समय त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता मजबूत होगी।








