Potka : पोटका थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए हेंसल गांव निवासी रोहित गोप की इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार रात करीब 10 बजे ओडिशा के कटक स्थित अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार शाम जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 मई 2026 को पोटका थाना क्षेत्र में रोहित गोप को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पोटका ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच), जमशेदपुर रेफर किया गया।
टीएमएच में करीब 10 से 12 दिनों तक आईसीयू में इलाज चलने के बाद बेहतर उपचार के लिए उन्हें ओडिशा के कटक स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के लगातार प्रयासों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और 15 जून की रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
रोहित गोप अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। अपने पीछे वे पत्नी, दो छोटे पुत्र विपुन गोप (10 वर्ष) और जीतू गोप (8 वर्ष) तथा वृद्ध माता-पिता को छोड़ गए हैं। बेटे की असमय मौत से माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मंगलवार शाम करीब 7 बजे उनका पार्थिव शरीर हेंसल गांव पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचे। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल देखा गया।
ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से सड़क दुर्घटना में मृत रोहित गोप के आश्रितों को उचित सरकारी मुआवजा, पारिवारिक सहायता और बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष मदद उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस कठिन समय में सरकारी सहयोग परिवार के लिए बड़ा सहारा साबित होगा।
रोहित गोप की असमय मृत्यु ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है।








