Saraikela : किसानों को समय पर संस्थागत कृषि ऋण उपलब्ध कराने तथा उन्हें साहूकारों और गैर-संस्थागत ऋण स्रोतों के शोषण से बचाने के उद्देश्य से ईचागढ़ प्रखंड में “खेत बचाओ अभियान” के तहत विशेष किसान जागरूकता सह ऋण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।
शिविर के दौरान किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही इच्छुक किसानों के आवेदन प्रपत्र भरवाए गए। अधिकारियों ने “कृषिका ऐप” के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए किसानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। सीएफएल टीम ने किसानों को बचत की आदत विकसित करने, घरेलू बजट प्रबंधन, डिजिटल भुगतान प्रणाली, यूपीआई के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने किसानों को डिजिटल लेन-देन में सतर्कता बरतने और सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार अपनाने की सलाह दी।
शिविर के दौरान विभिन्न बैंकों द्वारा प्राप्त 28 किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई गई। बैंक अधिकारियों ने बताया कि अगले 15 दिनों के भीतर इन आवेदनों पर कार्रवाई पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा ऋण चूक (डिफॉल्ट) की स्थिति वाले किसानों को वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना की भी जानकारी दी गई, ताकि वे अपनी वित्तीय स्थिति को बेहतर बना सकें।
इस अवसर पर अग्रणी जिला प्रबंधक ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे “खेत बचाओ अभियान” से जुड़कर समय पर बैंक ऋण प्राप्त करें, फसल बीमा योजनाओं का लाभ उठाएं और गैर-संस्थागत ऋण स्रोतों से दूरी बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए संस्थागत बैंकिंग सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग आवश्यक है।
कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में किसान भाई-बहन उपस्थित रहे। शिविर के माध्यम से किसानों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का संदेश दिया गया।









