Manoharpur : मनोहरपुर क्षेत्र की विभिन्न माइंस में कार्यरत वाहन चालकों एवं खलासियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रमिकों ने अपनी लंबित समस्याओं और मांगों को लेकर चर्चा करते हुए प्रबंधन के समक्ष आठ सूत्री मांग पत्र रखा। बैठक में श्रमिकों ने स्पष्ट किया कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे उनमें असंतोष बढ़ता जा रहा है।
बैठक के दौरान श्रमिकों ने सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतनमान लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि स्किल्ड श्रमिकों को प्रतिदिन ₹827 तथा हाई स्किल्ड श्रमिकों को ₹964 का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सरकार द्वारा घोषित वार्षिक वेतन समझौते का लाभ भी वाहन चालकों एवं खलासियों को दिया जाए।
श्रमिकों ने बेहतर चिकित्सा सुविधा, भविष्य निधि (पीएफ) की व्यवस्था, नियमित स्वास्थ्य एवं अल्कोहल जांच, आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक वाहन में खलासी की अनिवार्य नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा खलासियों के दैनिक वेतन को बढ़ाकर ₹480 करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि माइंस क्षेत्र में कार्यरत चालकों और खलासियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कई बार प्रबंधन को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
श्रमिकों ने प्रबंधन से जल्द वार्ता कर मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक के अंत में श्रमिकों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए कहा कि अपने अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों के लिए सभी चालक एवं खलासी संगठित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी।









