Jamshedpur : क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिला परिषद सदस्य श्रीमती पूर्णिमा मलिक के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने हरहरगुट्टू, करनडीह और परसुडीह क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं को उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
मांग पत्र में कहा गया कि बागबेड़ा की तर्ज पर हरहरगुट्टू, करनडीह एवं परसुडीह क्षेत्रों में भी जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के माध्यम से नियमित कचरा उठाव और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि नियमित सफाई व्यवस्था के अभाव में स्थानीय लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
आगामी मानसून को देखते हुए क्षेत्र के बड़े नालों की तत्काल सफाई कराने की मांग भी की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हरहरगुट्टू, करनडीह और परसुडीह के अधिकांश नालों में गाद और कचरा जमा होने के कारण बारिश के दौरान जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे कई घरों में पानी प्रवेश कर जाता है और लोगों को आर्थिक एवं सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मांग पत्र में करनडीह फाटक के समीप लाइन टोला में लंबे समय से लंबित नाली निर्माण कार्य का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इस संबंध में जिला प्रशासन और रेल प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि रुका हुआ निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने परसुडीह शीतला चौक से सुंदरनगर व्यांगबिल तक प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य को भी अविलंब शुरू कराने की मांग की। बताया गया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व इस सड़क का शिलान्यास किया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर निर्माण एजेंसी के माध्यम से कार्य प्रारंभ कराने की मांग की।
इस अवसर पर ‘सेवा ही लक्ष्य’ संस्था के अध्यक्ष मानिक मलिक ने कहा कि क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान में लगातार विलंब हो रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले नालों की सफाई, नियमित कचरा उठाव तथा अधूरी विकास योजनाओं को पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्रवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
मौके पर उत्तरी घाघीडीह पंचायत की मुखिया मीणा रजक, बिट्टू साहू, रंजीत शर्मा, संजय सिंह, संजय बरनवाल समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय निवासी उपस्थित थे।

















