एदल गांव शिवभक्ति में डूबा, पारंपरिक झींक यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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Rajnagar : राजनगर प्रखंड क्षेत्र का एदल गांव शुक्रवार को भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आस्था में पूरी तरह सराबोर नजर आया। सदियों पुरानी परंपरा और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े प्रसिद्ध एदल पर्व का आयोजन इस वर्ष भी श्रद्धा, उल्लास और भक्तिमय वातावरण के साथ संपन्न हुआ। पर्व के दौरान निकाली गई पारंपरिक झींक (झुलन) यात्रा श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही, जिसे देखने हजारों की संख्या में भक्त और ग्रामीण पहुंचे।

पर्व के अवसर पर भाग-5 शिव के लगभग 250 भोक्ताओं ने कलश यात्रा निकालकर भगवान शिव की आराधना की। भक्तों ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ झींक यात्रा में भाग लिया। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा एदल गांव शिवमय हो उठा।

ग्रामीणों और शिवभक्तों के अनुसार एदल गांव में भगवान भोलेनाथ का साक्षात वास माना जाता है। लोकमान्यता है कि सैकड़ों वर्ष पूर्व टाँगरजोड़ गांव के एक शिवभक्त को स्वप्न में भगवान महादेव ने दर्शन देकर एदल गांव के तालाब से शिवलिंग प्राप्त करने और एक विशेष स्थान पर उसकी स्थापना करने का आदेश दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने वहां शिवलिंग स्थापित कर नियमित पूजा-अर्चना शुरू की। वर्तमान में उसी स्थान पर भव्य शिव मंदिर स्थित है।

भगवान भोलेनाथ की स्थापना दिवस को ही एदल गांव के ग्रामीण हर वर्ष “एदल पर्व” के रूप में मनाते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत भगवान शिव अवश्य पूरी करते हैं।

पर्व के दौरान श्रद्धालुओं ने करीब 25 घंटे का निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की। कलश यात्रा और गोरिया भार यात्रा के बाद भक्तों ने अपना उपवास समाप्त किया।

वहीं रात्रि बेला में गांव के ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक छऊ नृत्य का भव्य आयोजन किया जाएगा, जो पूरी रात चलेगा। धार्मिक आयोजन में जिला परिषद सदस्य अमोदनी महतो, आयोजन समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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