Jamshedpur : वर्ष 2019 के चर्चित टेल्को शिक्षा प्रसार केंद्र विवाद मामले में जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय ने भाजपा नेता अंकित आनंद एवं आजसू नेता अभय नारायण तिवारी उर्फ अप्पू तिवारी को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी कर दिया है। यह फैसला न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी बिश्वनाथ उरांव की अदालत ने सुनाया।
मामला टेल्को थाना कांड संख्या 22/2019 से जुड़ा था। 4 फरवरी 2019 को दर्ज प्राथमिकी में सूचक रूथ पार्किंस ने आरोप लगाया था कि शिक्षा प्रसार केंद्र कार्यालय में अंकित आनंद, अप्पू तिवारी एवं अन्य लोगों ने प्रवेश कर अभद्र व्यवहार किया, धमकी दी और कार्यालय से बाहर निकलने को कहा। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 341, 342, 448 एवं 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
टेल्को थाना ने जांच के बाद आरोपों को सही बताते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। हालांकि मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर पड़ गया। अदालत में पेश तीनों गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए।
सुनवाई के दौरान परिवादिनी रूथ पार्किंस ने प्रतिपरीक्षा में स्वीकार किया कि वह अभियुक्तों को पहले से नहीं जानती थीं और प्राथमिकी में उनके नाम टाटा मोटर्स कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर लिखे गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अभियुक्तों द्वारा उनके साथ कोई घटना नहीं की गई तथा अब वह मुकदमे को आगे नहीं बढ़ाना चाहती हैं।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष विश्वसनीय एवं ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने में असफल रहा और आरोप प्रमाणित करने में “पूर्णतः असफल” रहा। दोनों पक्षों की ओर से अधिवक्ता अमित तिवारी ने पैरवी की।
फैसले के बाद भाजपा नेता अंकित आनंद ने कहा कि उन्हें शुरू से न्यायपालिका पर विश्वास था और अंततः सत्य की जीत हुई। वहीं आजसू नेता अप्पू तिवारी ने कहा कि यह फैसला कथित साजिश को बेनकाब करता है और न्यायालय के आदेश से फिर साबित हो गया कि झूठ अधिक दिनों तक टिक नहीं सकता।












