“नो एंट्री आंदोलनकारी समिति” का सरकार पर हमला, कहा— शिबू सोरेन होते तो मिलता न्याय

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Chaibasa : ताम्बो में आयोजित प्रेस वार्ता में कोल्हान की “नो एंट्री आंदोलनकारी समिति” ने राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। समिति के संयोजक रमेश बालमुचू ने कहा कि यदि शिबू सोरेन आज जीवित होते, तो आंदोलनकारियों को निश्चित रूप से न्याय मिलता।

उन्होंने बताया कि चाईबासा से रांची तक पदयात्रा कर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे आंदोलनकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा, जिससे लोगों में आक्रोश है।

प्रेस वार्ता के दौरान रमेश बालमुचू ने क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और अन्य समस्याओं पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाने में विफल साबित हो रहा है।

समिति के सदस्य रियांश समाड ने जानकारी दी कि पदयात्रा की पूर्व सूचना संबंधित अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय को दे दी गई थी, बावजूद इसके कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।

वहीं, साधु बानरा और महेंद्र जामुदा ने विभिन्न संगठनों और आम जनता के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। समिति ने स्पष्ट किया कि जल्द ही नई रणनीति के तहत आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।

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