Adituapur : आदित्यपुर के प्रमुख संपर्क मार्ग खरकई ब्रिज पर अव्यवस्था चरम पर पहुंच गई है। एक ओर पुल का फुटपाथ जर्जर होकर बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है, वहीं दूसरी ओर सड़क पर फल विक्रेताओं के अतिक्रमण से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
यह दोहरी समस्या न केवल रोजाना जाम का कारण बन रही है, बल्कि दुर्घटनाओं के खतरे को भी कई गुना बढ़ा रही है। हर दिन हजारों स्कूली बच्चे और आम राहगीर इस पुल से गुजरते हैं, लेकिन फुटपाथ टूट जाने के कारण लोग सड़क पर चलने को मजबूर हैं। इसी बीच सड़क पर ठेले-खोमचे वालों का कब्जा स्थिति को और गंभीर बना देता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की कार्रवाई केवल औपचारिक बनकर रह गई है। अतिक्रमण हटाने के कुछ ही घंटों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
🔴 स्थायी समाधान की मांग:
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि खरकई ब्रिज और उसके आसपास कम से कम 100 मीटर क्षेत्र को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया जाए और वहां स्थायी रूप से पुलिस या होमगार्ड की तैनाती की जाए।
लोगों का कहना है कि बार-बार नियम तोड़ने वाले विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जिसमें सामान जब्ती और भारी जुर्माने का प्रावधान शामिल हो। साथ ही नगर निगम को इन छोटे विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक वेंडिंग जोन विकसित करना चाहिए, ताकि सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या खत्म हो सके।
सीसीटीवी कैमरों के जरिए नियम उल्लंघन करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “एक तरफ पुल टूट रहा है, दूसरी तरफ सड़क पर कब्जा है—आखिर आम जनता जाए तो जाए कहां?”
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस और स्थायी कार्रवाई करता है।











