Jamshedpur : किताडीह स्थित ग्वाला पट्टी इलाके में सोमवार को रेलवे प्रशासन द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। रेलवे की जमीन पर कथित अवैध कब्जा हटाने पहुंची टीम को स्थानीय लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जो देखते ही देखते विवाद और झड़प में बदल गया।
जानकारी के अनुसार, जिस जमीन को लेकर कार्रवाई की जा रही थी, उस पर लंबे समय से स्वामित्व विवाद चला आ रहा है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह जमीन सहेन्द्र यादव की पत्नी शांति देवी के नाम दर्ज है, जबकि रेलवे प्रशासन इसे अपनी संपत्ति बताते हुए वहां बने निर्माण को अवैध अतिक्रमण मान रहा है।
विवाद उस समय और गहरा गया जब रेलवे द्वारा जारी नोटिस में मेघा यादव का नाम दर्ज पाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नाम से इलाके में कोई मकान या निर्माण मौजूद नहीं है, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रेलवे प्रशासन की ओर से बताया गया कि चक्रधरपुर मंडल के संपदा पदाधिकारी के आदेश (मामला संख्या EC/EO/344/2025) के अनुपालन में यह अभियान चलाया जा रहा था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी।
रेलवे अधिकारियों का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। एक अधिकारी के अनुसार, जितेंद्र यादव, राजकमल यादव और सहेन्द्र यादव अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जिसमें एक अधिकारी को हाथ और घुटने में चोट लगी।
घटना के बाद तैयार संयुक्त जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि हाथापाई की शुरुआत संबंधित लोगों द्वारा की गई। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वहीं, स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जमीन के स्वामित्व को लेकर स्पष्टता के बिना इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन से अपील की है कि अंतिम निर्णय से पहले सभी दस्तावेजों की जांच की जाए और प्रभावित पक्षों को पर्याप्त समय दिया जाए।










