Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि यात्री ट्रेनों को समय पर नहीं चलाया गया तो जनता को मालगाड़ियों को रोकने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ आयोजित धरना को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि आम जनता की परेशानी से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है, जिससे यह अब सामूहिक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
सरयू राय ने कहा कि टाटानगर आने-जाने वाली अधिकांश यात्री ट्रेनें रोजाना 4-5 घंटे की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर, व्यापारी, छात्र और आम लोग सभी इससे प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों में 3 से 5 साल का समय लगने की बात कही जा रही है, लेकिन जनता इतनी लंबी अवधि तक इंतजार नहीं कर सकती। उन्होंने जल्द ही 20-21 लोगों की एक समिति गठित कर इस मुद्दे को संगठित तरीके से उठाने और जरूरत पड़ने पर दिल्ली जाकर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और रेल मंत्री से मिलने की बात कही।
धरना के दौरान कई संगठनों ने समर्थन दिया और वक्ताओं ने रेलवे प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए। इस बीच रेलवे अधिकारियों ने भी ट्रेनों के विलंब को स्वीकार करते हुए सुधार के प्रयास जारी होने की बात कही, लेकिन आंदोलनकारियों ने इसे अपर्याप्त बताया।
सरयू राय ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल एक है—यात्री ट्रेनों का संचालन समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे प्रशासन संवेदनशीलता नहीं दिखाता है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।









