Adityapur : सरायकेला में रसोई गैस को लेकर इन दिनों अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और संभावित आपूर्ति संकट की आशंका के कारण उपभोक्ताओं में घबराहट फैल गई है, जिसका सीधा असर शहर के गैस वितरण केंद्रों पर दिख रहा है।
सोमवार को शहर के विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। हालात ऐसे हैं कि लोग सिलेंडर पाने के लिए रात 1:30 बजे से ही लाइन में लग जा रहे हैं। होम डिलीवरी लगभग ठप हो चुकी है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सिलेंडर लेने की होड़ में कई जगहों पर धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति भी बन रही है, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को पुलिस बल तैनात करना पड़ रहा है।
इस संकट का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। कई स्कूलों में मिड-डे मील (एमडीएम) योजना प्रभावित हो रही है। शिक्षकों को खुद स्कूल छोड़कर गैस सिलेंडर के लिए कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। नाम नहीं छापने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि गैस के बिना एमडीएम चलाना संभव नहीं है, जबकि विभाग की ओर से पर्याप्त आपूर्ति का आश्वासन दिया जाता है।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधीक्षक कैलाश मिश्र ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति है तो विभाग जल्द ही निर्देश जारी करेगा। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे गैस के लिए लाइन में न लगें, बल्कि संबंधित विभाग को सूचित करें ताकि आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
हालांकि गैस वितरकों का दावा है कि स्टॉक पर्याप्त है और आपूर्ति सुचारू है, लेकिन उपभोक्ताओं में ‘सिलेंडर खत्म होने’ का डर इतना गहरा है कि लोग अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की कोशिश में लगे हैं। प्रशासन की अपील के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है और लोग घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।









