पोड़ाडीह में सरकारी भवन निर्माण का विरोध, ग्रामसभा की अनुमति बिना काम शुरू करने का आरोप

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Adityapur : गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत बड़ाकांकड़ा पंचायत के पोड़ाडीह गांव में बन रहे सरकारी भवन को लेकर ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को गांधी सुरेन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने पोड़ाडीह मौजा के सरकारी जमीन, प्लॉट संख्या 32 एवं 33 पर हो रहे निर्माण कार्य का विरोध जताया।

ग्रामीणों का आरोप है कि जिला समादेष्टा की ओर से निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व ग्रामसभा की सहमति नहीं ली गई। बिना ग्रामीणों की अनुमति के ही भवन निर्माण की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में यही एकमात्र सरकारी खाली जमीन है, जिसका उपयोग सार्वजनिक कार्यों के साथ-साथ बच्चों के खेलने और पशुओं के चराई स्थल (गोचर भूमि) के रूप में किया जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार लगभग चार एकड़ में फैली इस जमीन में पूर्व में महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के लिए भवन का निर्माण कराया गया था, जहां कुछ समय तक केंद्रीय विद्यालय संचालित हुआ। वर्तमान में लगभग तीन एकड़ जमीन शेष है, जिसका उपयोग गांववासी सामुदायिक गतिविधियों और अन्य जरूरतों के लिए करते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2021 में भी जिला समादेष्टा की ओर से बिना ग्रामसभा की अनुमति के उक्त जमीन पर होमगार्ड आवासीय कार्यालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। उस समय सरायकेला अंचलाधिकारी को आवेदन देकर निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की गई थी। अब पांच वर्ष बाद पुनः उसी जमीन पर सरकारी भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।

बैठक में हीरालाल गोप, संजय सुरेन, टुकलू सुरेन, सुदर्शन सुरेन, सोमा सुरेन, राम हाईबुरु, वीरू सुरेन, चांदमनी सुरेन, जेमा सुरेन, सुसारी महतो एवं जानो महतो सहित दर्जनों महिला-पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन तेज करेंगे।

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