Jamshedpur:पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला में आयोजित रोजगार मेला क्षेत्र के युवाओं के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। टाउन हॉल (डाक बंगला परिसर) में आयोजित इस मेले ने न केवल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना भी जगाई।
नाम्या स्माइल फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस पहल ने यह साबित किया कि सीमित संसाधनों में भी मजबूत इच्छाशक्ति और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ बड़ा बदलाव संभव है। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में प्रखंड प्रमुख सुशीला टुडू उपस्थित रहीं, जिनकी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। इस अवसर पर घाटशिला कॉलेज के प्राचार्य आर.के. चौधरी, झामुमो के वरिष्ठ नेता जगदीश भकत, काजल डॉन, समाजसेवी इंदल पासवान, सौरभ चक्रवर्ती और कौशिक कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अतिथियों ने अपने संबोधन में इस पहल को युवाओं के लिए “सुनहरा अवसर” बताया। उन्होंने कहा कि पहली बार कंपनियां स्वयं घाटशिला पहुंचकर स्थानीय युवाओं को रोजगार दे रही हैं, जिससे बेरोजगारी कम होने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
कार्यक्रम में कुणाल षडंगी ने कहा कि अक्सर युवाओं को इंटरव्यू के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। यह रोजगार मेला उस चुनौती को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने भविष्य में और बड़े स्तर पर ऐसे आयोजनों की प्रतिबद्धता भी जताई।
इस रोजगार मेले के माध्यम से करीब 220 युवाओं को रोजगार के अवसर मिले। यह आयोजन केवल नियुक्तियों का आंकड़ा नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि जब समाज, संगठन और नेतृत्व मिलकर काम करते हैं, तो स्थानीय स्तर पर भी बड़े परिवर्तन संभव हैं।
घाटशिला के लिए यह पहल एक नई शुरुआत मानी जा रही है, जो आने वाले समय में रोजगार सृजन के क्षेत्र में बड़ी क्रांति का रूप ले सकती है।









