मंडल कारा साहिबगंज में बंद कैदी की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत

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सदर अस्पताल से कैदी मरीज को हायर सेंटर रेफर करने के बाद भी नहीं ले जाया गया बाहर, जेल प्रशासन पर उठ रहे कई गंभीर सवाल

सदर अस्पताल में इलाजरत कैदी मरीज नईम अंसारी की मौत के बाद मजिस्ट्रेट सदर बीडीओ सह सीओ बासुकीनाथ टुडू व अन्य

साहिबगंज: जिला मुख्यालय के सबसे बड़े सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में सोमवार की सुबह गंभीर रूप से बीमार बरहेट थाना क्षेत्र के सोनाजोरी निवासी एक कैदी नईम अंसारी उम्र 45 वर्ष पिता उल्फत अंसारी की मौत पर जेल प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि मंडल कारा साहिबगंज में बंद कैदी नईम अंसारी को रविवार को गंभीर अवस्था में 15 मार्च के सुबह 8:50 बजे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां कुछ देर के बाद कैदी मरीज की हालत गंभीर होने पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने सुबह में ही 9:11 बजे ही हायर सेंटर रेफर कर दिया लेकिन जेल प्रशासन ने उसे बेहतर इलाज हेतु बाहर नहीं ले जाकर कैदी वार्ड में ही शिफ्ट कर दिया। जहां अगले सुबह यानी सोमवार को कैदी वार्ड में इलाजरत कैदी नईम अंसारी ने दम तोड़ दिया। उधर मंडल कारा साहिबगंज में बंद कैदी की मौत पर लोगों ने जेल प्रशासन पर सवाल करना शुरू कर दिया। जहां उक्त कैदी बरहेट थाना क्षेत्र के सोनाजोरी निवासी उल्फत अंसारी का पुत्र नईम अंसारी था। वही सदर अस्पताल में कैदी मरीज नईम अंसारी को भर्ती करने वाले चिकित्सक डॉ. प्रशांत कुमार एवं डॉ. केशव कृष्णा ने बताया कि कैदी मरीज को चमकी की बीमारी था। जहां उसकी हालत ठीक नहीं होने पर उसी दिन उसे सदर अस्पताल से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। इधर कैदी मरीज की मौत की सूचना मिलने पर जिरवाबाड़ी पुलिस अस्पताल पहुंचकर कैदी मरीज के शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुटी है। वही कैदी मरीज नईम अंसारी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए मजिस्ट्रेट के रूप में सीओ सह बीडीओ बासुकीनाथ टुडू के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड गठित की गई। इस मेडिकल बोर्ड में डॉ. केशव कृष्णा, डॉ. प्रशांत कुमार एवं डॉ. मुकेश कुमार शामिल थे। वही सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ है जहां मेडिकल बोर्ड की टीम ने कैदी के शव का पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज दुमका रेफर कर दिया है।

फोरेंसिक एक्सपर्ट नहीं रहने के कारण कैदी मरीज के शव को किया गया रेफर

सदर अस्पताल का कैदी वार्ड जिसमें मृतक कैदी नईम अंसारी को जेल प्रबंधन ने कराया था भर्ती

उधर सदर अस्पताल में फोरेंसिक एक्सपर्ट नहीं रहने के कारण मेडिकल बोर्ड की टीम में शामिल चिकित्सकों ने कैदी मरीज के शव का पोस्टमार्टम के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज दुमका रेफर कर दिया है जहां यह जानकारी मजिस्ट्रेट सदर बीडीओ सह सीओ बासुकीनाथ टुडू ने दी है। आगे उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल में फोरेंसिक एक्सपर्ट नहीं रहने के चलते कैदी मरीज के शव को यहां से दुमका मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।

मृतक कैदी मरीज की पत्नी ने लगाए कई गंभीर आरोप

उधर मंडल कारा साहिबगंज में बंद कैदी मरीज नईम अंसारी की मौत की खबर उसके परिजनों को सोमवार दोपहर 1 बजे दी गई जबकि कैदी मरीज की मौत सोमवार के अहले सुबह ही हुई है। वही मृतक कैदी मरीज नईम अंसारी की पत्नी बीबी जन बीबी ने बताया कि जब उनके पति की तबीयत सदर अस्पताल में काफी ज्यादा बिगड़ गई थी तो जेल प्रबंधन ने उन्हें कोई भी सूचना क्यों नहीं दी। आगे उन्होंने कहा कि जब सदर अस्पताल में इलाज के दौरान यहां के चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रविवार की सुबह ही जब हायर सेंटर रेफर कर दिया था तो किन कारणों से जेल प्रबंधन ने अनदेखी करते हुए उसके पति को बिना समुचित इलाज कराए बगैर कैदी वार्ड में शिफ्ट कर दिया था यह अपने आप में एक गंभीर सवाल खड़े करता है। वही कैदी मरीज के मौत के कई घंटों के बाद परिजनों को क्यों जानकारी दी गई क्या जेल प्रबंधन इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा था या उनकी मंशा कुछ और थी।

बरहेट बाजार स्थित गैराज में काम करता था कैदी मरीज

उधर मृतक कैदी मरीज नईम अंसारी की पत्नी बीबी जन बीबी ने बताया कि उसका पति बरहेट बाजार स्थित एक गैराज में काम किया करता था जहां उसके खिलाफ चोरी के पुराने मामले में उसका नाम शामिल था जिसमें वो फरार चल रहा था। उधर मृतक कैदी मरीज नईम अंसारी की मौत की खबर सुनकर उसकी पत्नी बीबी जन बीबी, साढ़ू लतीफ अंसारी व नूरेमान अंसारी सदर अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी जुटाते हुए नजर आए। उधर जेल प्रबंधन मृतक कैदी मरीज नईम अंसारी के शव को दुमका मेडिकल कॉलेज भेजने में जुटी हुई थी।

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