डीजीएमएस चाईबासा क्षेत्र की पहल: सेल माइंस में नई श्रम संहिताओं पर दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

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Guwa:खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) चाईबासा क्षेत्र ने श्रम सुधारों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेल (SAIL) माइंस में नई श्रम संहिताओं (New Labour Codes) पर दो दिवसीय व्यापक कार्यशालाओं का सफल आयोजन किया। इन कार्यशालाओं का उद्देश्य श्रमिकों में जागरूकता बढ़ाना और प्रबंधन स्तर पर इनके सुचारु क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा तैयार करना था।

कार्यशालाओं की अध्यक्षता आर. आर. मिश्रा, निदेशक खान सुरक्षा, डीजीएमएस चाईबासा क्षेत्र ने की। पहली कार्यशाला किरीबुरु स्थित लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (L&DC) में आयोजित हुई, जिसमें किरीबुरु लौह अयस्क खान (KIOM) और मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खान (MIOM) के कुल 81 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें वरिष्ठ प्रबंधन अधिकारी, सुरक्षा अधिकारी, यूनियन प्रतिनिधि, वर्कमैन इंस्पेक्टर, अधिकारी, कर्मचारी और संविदा श्रमिक शामिल रहे।

इस अवसर पर पी. एम. शिरपुरकर (सीजीएम-माइंस), एस. एस. शाह (सीजीएम-मेंटेनेंस), डी. मिश्रा (सीजीएम-एचआर), एस. के. सिंह (जीएम प्रभारी-माइनिंग), मनोज कुमार (जीएम-ई एंड एल), नवीन कुमार सोनकुसरे (जीएम-इलेक्ट्रिकल), सुक्रा हो, एस. आर. स्वैन, ए. के. बिस्वास और संजय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
दूसरी कार्यशाला गुवा स्थित एल एंड डी सेंटर में आयोजित की गई, जिसमें गुवा अयस्क खान (GOM) के 32 अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस सत्र में सी. बी. कुमार (सीजीएम-माइंस), वी. के. सुमन (जीएम-सीसी), सी. एन. कुमार और मिलन नंदी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

मुख्य संबोधन में आर. आर. मिश्रा ने नई श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा करते हुए श्रमिक अधिकारों की मजबूती, सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों और नियोक्ताओं की स्पष्ट जवाबदेही पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताएं कार्यस्थल की पारदर्शिता, सुरक्षा और उत्तरदायित्व को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं।
कार्यक्रम के दौरान रथिन बिस्वास (डीजीएम-एचआर, एल एंड डी) ने तकनीकी प्रस्तुति के माध्यम से चरणबद्ध क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई और प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने व्यावहारिक चुनौतियों और संभावित समाधान पर खुलकर विचार साझा किए।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (JGOM) में नई श्रम संहिताओं को समयबद्ध और प्रभावी रूप से लागू करने का सामूहिक संकल्प लिया। यह पहल न केवल श्रमिक हितों की रक्षा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि खनन क्षेत्र में प्रशासनिक पारदर्शिता और औद्योगिक समन्वय को भी नई दिशा देगी।

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