Potka:मकर संक्रांति के पावन अवसर पर पोटका प्रखंड अंतर्गत उदाल गांव में बुधवार को परंपरा, सम्मान और सामूहिकता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। पोटका के विधायक संजीव सरदार के पैतृक गांव में हर वर्ष की तरह इस बार भी उनके परिवार ने गांववासियों के साथ मिलकर मकर पर्व पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ मनाया।
इस अवसर पर विधायक के परिवार के सदस्यों ने गांव की महिलाओं एवं बुजुर्गों को अंगवस्त्र भेंट कर मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में गांव के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए और आपसी सौहार्द व सम्मान की भावना का साक्षी बने।
हालांकि विधायक संजीव सरदार इस बार सरकारी विधानसभा समिति के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण पोटका में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उनके परिवार ने उनकी अनुपस्थिति में भी वर्षों से चली आ रही इस सामाजिक-सांस्कृतिक परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।
कार्यक्रम में विधायक के पिता नलिन सरदार, माता सरला सरदार, चाचा बिरेश चंद्र सरदार, चाची मालती सरदार, भाई राजीव सरदार एवं भाभी दुर्गामणि सरदार, भाई तरुण सरदार एवं भाभी नेहा मुंडा, भाई भारत सरदार और धनंजय सरदार सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने ग्रामीणों से मिलकर उन्हें सम्मानित किया और सुख-समृद्धि की कामना की।
परिवार के सदस्यों ने अपने संदेश में कहा कि मकर संक्रांति प्रकृति, कृषि और भारतीय संस्कृति के समन्वय का पर्व है, जो नई ऊर्जा, खुशहाली और सामाजिक एकता का प्रतीक है। पूरे गांव में उत्सव और उल्लास का वातावरण बना रहा।









