तुलसी माता की भक्ति में डूबा हिंदू पीठ परिसर, भव्य आयोजन में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

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Jamshedpur:जमशेदपुर स्थित हिंदू पीठ का प्रांगण 25 दिसंबर को तुलसी माता की भक्ति और सनातन परंपराओं के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। अवसर था तुलसी दिवस के भव्य आयोजन का, जहां गणेश भगवान की संध्या आरती के साथ विधिवत रूप से तुलसी माता की पूजा-अर्चना की गई। आरती और मंत्रोच्चार के बीच पूरा वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने तुलसी माता के चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। हिंदू धर्म में तुलसी को केवल पौधा नहीं, बल्कि माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार जिस घर में तुलसी फलती-फूलती है, वहां नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है।
इस अवसर पर हिंदू पीठ के अध्यक्ष अरुण सिंह, महासचिव दिस बॉस, कोषाध्यक्ष किशोर गोलछा, सुरक्षा प्रमुख सोमनाथ सिंह, ज्योत्सना सरकार, शिखा श्यामल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में भजन-कीर्तन करते हुए तुलसी माता की महिमा का गुणगान किया।
अपने संबोधन में अध्यक्ष अरुण सिंह ने कहा,
“25 दिसंबर को तुलसी दिवस हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन हमें हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की याद दिलाता है। हमारे पूर्वजों ने जो विरासत सौंपी है, उसे संजोकर रखना हमारी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने युवाओं से विशेष अपील करते हुए कहा कि
“तुलसी की नियमित पूजा से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, शांति और समृद्धि बढ़ती है। यह आध्यात्मिक ही नहीं, स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है।”
अरुण सिंह ने युवाओं और बच्चों से आग्रह किया कि 25 दिसंबर को केवल क्रिसमस तक सीमित न रहकर तुलसी दिवस के महत्व को समझें और अगली पीढ़ी तक सनातन परंपराओं को पहुंचाएं।
उन्होंने कहा,
“हिंदू की विरासत ही हमारी पहचान है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए और इसे जीवंत बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।”
कार्यक्रम का समापन तुलसी माता के चरणों में दीप प्रज्वलन, भजन-कीर्तन और आपसी शुभकामनाओं के साथ हुआ। आयोजन में भक्तों के लिए लिट्टी-चोखा और जलेबी की भी विशेष व्यवस्था की गई, जिसका श्रद्धालुओं ने भरपूर आनंद लिया।
कुल मिलाकर, हिंदू पीठ द्वारा आयोजित तुलसी दिवस का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।

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