Jamshedpur : अगहन संक्रांति के अवसर पर मंगलवार को हुड़लुंग गांव में देसुआ आदिवासी कुड़मी समाज एवं हुड़लुंग गांव महिला संयोजक समिति के संयुक्त तत्वावधान में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ टुसु थापना कर एकमासिया टुसु परब का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महिला संयोजक नंदिनी महतो के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर गांव की छोटी-छोटी बच्चियों ने विधि-विधान के अनुसार मिट्टी के सारूआ (छोटी हांड़ी) में तीन गोबर ढुला, तीन गुंड़ी ढुला, धान, टुस तथा फूल अर्पित कर कुल 13 टुसु की थापना की। पूरे आयोजन में पारंपरिक नियमों और सांस्कृतिक परंपराओं का पूर्ण रूप से पालन किया गया।
देसुआ आकुस झारखंड प्रदेश संयोजक प्रकाश महतो केटिआर ने बताया कि टुसु परब धान रूपी अन्न महाशक्ति के सम्मान का प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्व है। यह पर्व आदिकाल से अगहन संक्रांति के दिन प्रारंभ होकर पूरे एक माह तक उल्लास के साथ मनाया जाता है और पुस संक्रांति के दिन टुसु बिदाई के साथ इसका समापन होता है।
महिला संयोजक नंदिनी महतो पुनरियार ने बताया कि इस अवधि में प्रतिदिन संध्या समय बच्चियों द्वारा एक-एक फूल अर्पित कर दिनि टुसु मां का सेंदुरन किया जाता है। साथ ही प्रत्येक नौ दिनों पर टुसु गीत और पांता नाच के साथ जागरण का आयोजन भी किया जाता है।
टुसु थापना में रोशनी महतो, भारती महतो, लक्खी महतो, रवीना महतो, डॉली महतो, संतोषी महतो, पूजा महतो, सोनिया गोप, रवीना महतो पुनरियार, वर्षा तंतुबाई और कृतिका महतो सहित अन्य बच्चियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
मौके पर झारखंड प्रदेश संयोजक प्रकाश महतो केटिआर, केंद्रीय सदस्य रामविलास महतो, प्रदेश सदस्य उदित महतो, संजय महतो, उज्जवल महतो, युधिष्ठिर महतो, सनातन महतो, तिलक महतो, मदन महतो, फुदेन महतो सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित रहे।









