कुलियाना घाट पर बनेगा 12 करोड़ का पूल: विधायक संजीव सरदार की ऐतिहासिक पहल, पोटका–घाटशिला सीधे जुड़ेंगे एनएच-33 से

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Potka: पोटका प्रखंड के विकास इतिहास में एक बड़ा कदम शुक्रवार को दर्ज हो गया, जब आसनबनी पंचायत के तिलामुड़ा मौजा स्थित स्वर्णरेखा नदी के कुलियाना घाट पर बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया गया। पोटका के विधायक संजीव सरदार ने पूजा-अर्चना कर मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के अंतर्गत बनने वाले इस पुल का आधार रखा।

वर्षों से ग्रामीणों की मांग रही इस पुल के बनने से पोटका, घाटशिला और जमशेदपुर के बीच सीधा और आसान संपर्क स्थापित होगा। इसके साथ ही ओडिशा व पश्चिम बंगाल की ओर आवागमन भी काफी सुगम होने वाला है।

“यह पुल विकसित पोटका की नींव है” – संजीव सरदार

शिलान्यास कार्यक्रम में विधायक संजीव सरदार ने कहा—

“हेमंत सोरेन सरकार ने विकास के जो वादे किए थे, आज उन्हें जमीन पर उतारा जा रहा है। यह पुल पोटका को सीधे एनएच-33 से जोड़ेगा और वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करेगा। पहले लोगों को गलूडीह होकर लगभग 100 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था, अब यह दूरी कुछ ही मिनटों में पूरी होगी।”



उन्होंने आगे कहा कि पुल के बन जाने से स्थानीय आबादी को स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक सहज पहुँच मिलेगी। राजनगर, आदित्यपुर, टेल्को, पोटका और आसपास के इलाक़ों के लोग इसका सीधा लाभ उठाएंगे।


230 मीटर लंबा पुल, 12 करोड़ की लागत, 16 माह में पूरा होगा निर्माण

कुलियाना घाट पर बनने वाला यह पुल 230 मीटर लंबा होगा और इसकी लागत 12 करोड़ रुपये तय की गई है।
सत्यम कंस्ट्रक्शन कंपनी को परियोजना का कार्यादेश दिया गया है और अगले 16 महीनों में पुल को पूर्ण रूप से तैयार किया जाना है।


दो दर्जन गांवों को मिलेगा लाभ

पुल के निर्माण से पोटका प्रखंड और घाटशिला प्रखंड के लगभग दो दर्जन गाँव सीधे लाभान्वित होंगे। इनमें शामिल हैं—

पोटका क्षेत्र के गाँव:
तिलमुड़ा, चातरो, आसनबनी, बीरग्राम, दोड़कासाई, बनगोड़ा, कुलडीहा आदि।

घाटशिला क्षेत्र के गाँव:
कुलियाना, बीरीगोड़ा, पैरागुड़ी, दारीसाई, बड़ा खुर्सी, आमचूड़िया आदि।

इन सभी गांवों के लोग अब सीधे एनएच-33 से जुड़ सकेंगे, जिससे परिवहन, व्यापार और रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी।


ग्रामीणों में उत्साह, बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

शिलान्यास कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी।
मुख्य रूप से उपस्थित थे—
झामुमो पोटका प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन,
झारखंड आंदोलनकारी सुनील महतो,
पूर्व जिला परिषद सदस्य चन्द्रावती महतो,
हितेश भगत, चक्रधर महतो समेत सैकड़ों स्थानीय लोग।

ग्रामीणों ने इस पुल को “नई उम्मीद” और “सुरक्षित आवागमन” का मार्ग बताते हुए विधायक संजीव सरदार के प्रति आभार जताया

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