आदित्यपुर में इंटक का उग्र विरोध प्रदर्शन, केंद्र सरकार का पुतला दहन – नए लेबर कोड को वापस लेने की मांग

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Adityapur:श्रम कानूनों में किए गए बदलावों के विरोध में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) ने आदित्यपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। इंटक जिलाध्यक्ष केपी तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शेरे पंजाब चौक पर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया और नए लेबर कोड के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में भारी संख्या में इंटक नेताओं और समर्थकों की भागीदारी रही।

जिलाध्यक्ष केपी तिवारी ने केंद्र सरकार पर श्रमिक–विरोधी नीतियों को लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि नया चार लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा— “ये कानून मालिक पक्ष को मनमानी की खुली छूट देते हैं और मजदूरों के संरक्षण को कमजोर करते हैं। इंटक ऐसे किसी भी कानून को स्वीकार नहीं करेगा और आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।”

इंटक प्रदेश सचिव एवं कोल्हान प्रभारी राणा सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बड़े कॉर्पोरेट घरानों के दबाव में आकर ये श्रम कानून बनाए हैं।
उन्होंने कहा— “अडानी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए मजदूरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। देशभर के मजदूर इन कानूनों से प्रभावित होंगे, इसलिए इंटक राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चला रही है।”
सिंह ने सभी श्रमिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े होने की अपील की।

प्रदर्शन में आदित्यपुर नगर इंटक अध्यक्ष रमेश बालमुचू, वरीय नेता दिवाकर झा, जगदीश नारायण चौबे, वैद्य संजय कुमार, कमलनयन, रिजवान खान, अनामिका सरकार, खिरोद सरदार, राजू लोहार, बिल्टू चटर्जी, अजय शर्मा, तुराम बांबंकिरा, रुईदास चाकी, रोहित घोष, सुमित गोप समेत अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।

इंटक ने साफ किया कि वह श्रम कानूनों को वापस कराए बिना पीछे नहीं हटेगी और आने वाले दिनों में और बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है।

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