कुणाल षड़ंगी का लंदन–जिनेवा दौरा शुरू, झारखंड की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई

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Jamshedpur:झारखंड के युवा और प्रखर नेता कुणाल षड़ंगी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की आवाज़ बनकर उभरने जा रहे हैं। लंदन और जिनेवा के महत्वपूर्ण दौरों के जरिए वे झारखंड की राजनीतिक चेतना, संघर्षशील इतिहास, जन आंदोलनों और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक समुदाय के सामने प्रस्तुत करेंगे।

21 नवंबर को वे University of Sussex (UK) में “झारखंडी संघर्ष, जन आंदोलनों और झामुमो की वैचारिक पृष्ठभूमि” विषय पर विशेष व्याख्यान देंगे। यह पहला अवसर है जब किसी झारखंडी युवा नेता को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में ऐसा संबोधन देने का मौका मिला है।

इसके बाद 24 से 26 नवंबर तक वे UN Business & Human Rights Forum, Geneva में हिस्सा लेंगे। इस वैश्विक मंच पर कुणाल षड़ंगी “झारखंड का विकास मॉडल, खनन क्षेत्रों के सामाजिक–आर्थिक पहलू और मानवाधिकार संतुलन” जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। इससे राज्य की आवाज़ अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं और मानवाधिकार विशेषज्ञों तक पहुंचेगी।

कुणाल षड़ंगी इससे पहले भी झारखंड का प्रतिनिधित्व कई राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कर चुके हैं—MIT पुणे का Ideal Youth MLA Award, अमेरिका का IVLP प्रोग्राम, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और FIA Chicago International Youth Icon Award जैसे मंचों पर उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह यात्रा झारखंड को संघर्ष, संस्कृति और मानवाधिकार मूल्यों के वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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