Seraikela:विवेकानंद केंद्र सेवा एवं प्रशिक्षण प्रकल्प, चांडिल के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण आगामी 19 नवंबर 2025 को प्रातः 10 बजे आयोजित किया जाएगा। सोमवार को केंद्र के पदाधिकारियों व समाजसेवियों ने संवाददाता सम्मेलन कर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। आयोजन का महत्व इस तथ्य से और बढ़ जाता है कि 19 नवंबर ही केंद्र के महान मार्गदर्शक स्व. एकनाथ रानाडे जी का जन्मोत्सव दिवस है। इसी अवसर पर केंद्र ने नए भवन को समाज को समर्पित करने का फैसला लिया है।
समारोह में झारखंड के महामहिम राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा क्षेत्र के सांसद एवं केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ, और चांडिल की विधायिका सविता महतो भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँगे। विवेकानंद केंद्र के अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष प्रवीण देवोलकर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
विवेकानंद केंद्र की नींव वर्ष 1977-78 में चांडिल स्थित नौरंगराम स्वर्गीय देवी ट्रस्ट के अंतर्गत रखी गई थी। स्व. एकनाथ रानाडे और स्व. भगवती प्रसाद खेतान ने इसे आगे बढ़ाते हुए संगठन को वह दिशा प्रदान की, जो स्वामी विवेकानंद की उस दृष्टि से जुड़ी है—युवा, सक्षम और चरित्रवान भारत का निर्माण। “मानव निर्माण से राष्ट्र निर्माण” के सिद्धांत को केंद्र ने संस्कार वर्ग, योग, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से वर्षों से जीवंत रखा है।
बढ़ती गतिविधियों और जनसहभागिता को देखते हुए नए सेवा भवन का निर्माण किया गया है। इसमें समाज के अनेक दानदाताओं व समर्थकों का योगदान रहा, जिसके चलते यह परिसर अब नई ऊर्जा और आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार है।
नया परिसर स्थानीय युवाओं, ग्रामसभाओं, महिला समूहों, योग एवं संस्कार शिक्षा, तथा विभिन्न सेवा परियोजनाओं के लिए एक जीवंत सामाजिक-सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। स्वामी विवेकानंद के प्रेरक संदेश—“उठो, जागो और स्वयं को जानकर भारत को नवजीवन दो”—को आगे ले जाने में यह भवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चांडिल क्षेत्र में इस कार्यक्रम को लेकर जबरदस्त उत्साह है और नागरिक इसे एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक-सामाजिक उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।
संवाददाता सम्मेलन में नगर संपर्क प्रमुख अनाथ मिश्रा, जीवनव्रती एवं विभाग संगठक रांची चिराग परमार, नगर कार्यालय प्रमुख सुशील कुमार लाल शाहदेव, निधि संकलन प्रमुख आशीष कुंडू, वानप्रस्थ कार्यकर्ता कालीचरण गुप्ता, कार्यपद्धति प्रमुख गुलशन कुमार, तथा प्रचार प्रमुख मनोज सिंह उपस्थित रहे।









