आदित्यपुर :
नगर निगम आदित्यपुर में पूर्व पार्षदों द्वारा प्रशासक के रवैये के खिलाफ शुरू किए गए आमरण अनशन का पटाक्षेप उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और नगर आयुक्त पारुल सिंह की संवेदनशील पहल से हुआ।
दोनों अधिकारियों ने न सिर्फ स्थिति को तुरंत गंभीरता से लिया, बल्कि मौके पर पहुंचकर वार्ता के माध्यम से समाधान का रास्ता निकाला।
तनावपूर्ण माहौल में प्रशासन ने दिखाया संयम
शनिवार को नगर निगम कार्यालय के समक्ष पूर्व पार्षद आमरण अनशन पर बैठे थे। कुछ ही घंटों में माहौल तनावपूर्ण होने लगा।
इसी बीच उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने पूरे मामले की जानकारी लेकर अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए कि स्थिति को शांतिपूर्वक सुलझाया जाए।
उनके निर्देश पर नगर आयुक्त पारुल सिंह स्वयं मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।
नगर आयुक्त पारुल सिंह ने की संवादात्मक पहल
मौके पर पहुंचीं नगर आयुक्त पारुल सिंह ने सभी पूर्व पार्षदों की समस्याएं धैर्यपूर्वक सुनीं।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि
“नगर निगम जनता का संस्थान है। हर जनप्रतिनिधि और नागरिक की बात को प्राथमिकता दी जाएगी। पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन देना हमारी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं की तकनीकी या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी हुई है, उन्हें अब त्वरित गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
उनकी संवादात्मक और संयमित पहल से माहौल में तत्काल सकारात्मकता आई
उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने दिया तत्काल एक्शन का निर्देश
मामले की संपूर्ण रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने तकनीकी स्वीकृति, योजना क्रियान्वयन और जनसंपर्क से जुड़े सभी बिंदुओं पर सोमवार को विशेष समीक्षा बैठक बुलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि
“जनप्रतिनिधि लोकतंत्र की सबसे अहम कड़ी हैं। उनकी बातों को गंभीरता से सुनना और समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है। प्रशासन जनता का सेवक है, शासक नहीं।”
उनकी इस संवेदनशील और संवादपूर्ण दृष्टिकोण ने पूर्व पार्षदों का विश्वास वापस दिलाया और उन्होंने तत्काल अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल बनी पारुल सिंह की मौजूदगी
नगर आयुक्त पारुल सिंह पूरे समय अनशन स्थल पर रहीं और उन्होंने पार्षदों से कई दौर की बातचीत की।
उन्होंने तात्कालिक समस्याओं पर मौके पर ही निर्णय लिए और कहा कि निगम प्रशासन जनहित के मुद्दों पर प्रतिबद्ध है।
उनकी सहजता और सक्रिय संवाद के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।
जनता ने की प्रशासन की तत्परता की सराहना
अनशन स्थल पर मौजूद स्थानीय नागरिकों ने उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और नगर आयुक्त पारुल सिंह की तत्परता और संवेदनशीलता की प्रशंसा की।
लोगों का कहना था कि दोनों अधिकारियों ने जिस जिम्मेदारी और मानवीय दृष्टिकोण से स्थिति को संभाला, वह प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करता है।
पूर्व पार्षदों ने जताया आभार
आमरण अनशन समाप्ति के बाद पूर्व पार्षदों ने उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और नगर आयुक्त पारुल सिंह का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारियों ने जिस समझदारी और शालीनता से संवाद स्थापित कर समाधान निकाला, वह “प्रशासनिक संवेदनशीलता” की मिसाल है।
अनशन में शामिल प्रमुख पार्षद
वार्ड 17 की नीतू शर्मा, वार्ड 18 के रंजन सिंह, वार्ड 2 के मत्रिनीत महतो, वार्ड 12 के विज्ञान विश्वकर्मा, वार्ड 14 के बोरजोन राम हांसदा, वार्ड 6 की ममता बेज, वार्ड 31 की रिंकू राय और वार्ड 23 की जूली महतो सहित कई पूर्व पार्षद अनशन में शामिल रहे।
इन सभी ने प्रशासनिक हस्तक्षेप की सराहना की और कहा कि इस तरह का त्वरित संवाद ही जनहित की असली पहचान है।









