Jamshedpur : लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज, करंडीह के प्रांगण में गुरुवार को अंगीभूत कॉलेजों के इंटरमीडिएट शिक्षकों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जस्मी सोरेन ने की।
बैठक में शिक्षकों ने भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि झारखंड सरकार ने अपने अधीन अंगीभूत महाविद्यालयों में इंटर की पढ़ाई बंद कर दी है।
शिक्षकों ने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर बाबूलाल सोरेन को राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि जब उनके पिता झामुमो में थे और झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे, तब अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षक और कर्मचारी उनसे कई बार मिलने गए थे। “22 जून 2024 को करीब 1500 शिक्षक-कर्मचारी रांची में मुख्यमंत्री आवास पर दिनभर इंतजार करते रहे, परंतु बाबूलाल सोरेन के रेफरेंस से मिलने के बावजूद उन्हें 5 मिनट का समय भी नहीं दिया गया,” शिक्षकों ने बताया।
उन्होंने कहा कि अंगीभूत महाविद्यालयों में इंटर बंद करने का आदेश राज्यपाल द्वारा जारी किया गया था, जो भाजपा के पूर्व नेता रहे हैं। “विपक्ष ने उस समय इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी। आज जब चुनाव का माहौल है, तब भाजपा प्रत्याशी इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं,” शिक्षकों ने कहा।
शिक्षकों ने स्वर्गीय शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने इंटरमीडिएट शिक्षकों और कर्मचारियों के समायोजन की दिशा में ठोस पहल की थी। दिवंगत मंत्री के पुत्र एवं झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन ने शिक्षकों को भरोसा दिलाया है कि वह अपने पिता के अधूरे कार्यों को पूरा करेंगे।
“हमें विश्वास है कि झारखंड सरकार और झामुमो हमारे मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेगी,” शिक्षकों ने कहा।
बैठक में सुमित्रा सिंकू, लेडेम हांसदा, जस्मी सोरेन, चन्दन, एस. सोरेन, ज्योति प्रभा, नीतू सिंह, प्रीति कुमारी, पूजा गुप्ता, लुशी रानी, सीमा कुमारी, अजय कुमार दीप, जयप्रकाश एम., अनिमेष और ऋषिता सहित अन्य शिक्षक उपस्थित थे।









