ब्रह्मलोकधाम में ब्रह्मानंद शास्त्री जी महाराज की शताब्दी पर दिव्य उत्सव — सुखमनी साहिब पाठ एवं लंगर में उमड़ा श्रद्धा-भाव

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Jamshedpur:भारतीय युगवशिष्ट ब्रह्मानंद संघ के संस्थापक ब्रह्मलोकवासी श्रद्धेय श्री ब्रह्मानंद शास्त्री जी महाराज की जयंती के शताब्दी वर्ष (1928–2028) के उपलक्ष्य में कदमा, रामनगर स्थित ब्रह्मलोकधाम में आज श्रद्धा, अनुशासन और आध्यात्मिक गरिमा के साथ सुखमनी साहिब पाठ का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने भी श्रद्धासहित उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ब्रह्मानंद शास्त्री जी का इस धरती पर आगमन सम्पूर्ण मानवता के लिए नई दिशा देने वाला रहा। उनका जीवन अद्वितीय, अवर्णनीय और प्रेरणादायी रहा है, जिनकी शिक्षाएं आज भी समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर रही हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश उत्सव से हुई। इसके पश्चात पूरे श्रद्धा-भाव से सुखमनी साहिब पाठ का आयोजन संपन्न हुआ। ज्ञानी जरनैल सिंह जी ने इस अवसर पर अत्यंत भावपूर्ण व्याख्या की, जिसने संगत को भावविभोर कर दिया।

अरदास के उपरांत लंगर सेवा का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और गुरु परंपरा की सेवा भावना को आत्मसात किया।

पूरे आयोजन के सफल संचालन में स्त्री सत्संग सभा, नौजवान सभा, सभी गुरुद्वारा समितियों एवं सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अमरप्रीत सिंह काले ने आयोजन समिति, श्रद्धालु संगत एवं सेवादारों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन गुरु परंपरा की जीवंत मिसाल है।

उन्होंने विशेष रूप से छोटे गुरुजी आदरणीय श्री मोनू भट्टाचार्य जी तथा संपूर्ण समिति का आभार प्रकट करते हुए कहा कि परमात्मा इस संस्था को निरंतर शक्ति, स्थिरता और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करे, ताकि यह समाज कल्याण और अध्यात्म के प्रसार में अपना योगदान निरंतर देती रहे।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.

और पढ़ें