Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने बिष्टुपुर एवं साकची स्थित डीसी लाउंज के प्रतिष्ठानों में हुई तोड़फोड़ और हिंसक घटनाओं के संबंध में गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के आचरण पर स्पष्टीकरण मांगा है।
सरयू राय ने पत्र में पूछा है कि बिष्टुपुर थाना प्रभारी आधी रात 11.30 बजे साकची डीसी लाउंज के पास क्यों गए, जबकि घटना शाम 6.30 बजे हुई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बिष्टुपुर के अन्य पुलिस अधिकारी गोपाल पाण्डेय ने इस दौरान सक्रिय भूमिका क्यों निभाई और एक युवक को ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका के घर से बाहर क्यों निकाला गया।
विधायक ने बताया कि शाम 6.30 बजे डीसी लाउंज के सामने रामदास भट्टा से आए हमलावर समूह ने इंजेक्शन सिरिंज जैसे हथियारों से हमला किया और 30-40 युवकों ने सुनियोजित मारपीट की। घटना के दौरान पाँच मोटरसाइकिलें वहीं रह गईं, जिन्हें बिष्टुपुर थाना प्रभारी ने हमलावरों को सुपुर्द कर दिया।
सरयू राय ने पत्र में स्पष्ट किया कि यदि बिष्टुपुर थाना प्रभारी और गोपाल पाण्डेय का रवैया इसी तरह का रहा, तो डीसी लाउंज में हुई तोड़फोड़ की निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने एसएसपी से आग्रह किया कि उपर्युक्त तथ्यों के आधार पर हमले की गंभीरता से जांच की जाए और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाए।
सरयू राय ने कहा कि पुलिस अधीक्षक (नगर) द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में दी गई जानकारी अधूरी और भ्रामक प्रतीत होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले को हल मान लिया गया, तो रामदास भट्टा क्षेत्र में कानून व्यवस्था और खराब हो सकती है। विधायक ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों की सक्रियता पर अंकुश लगाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोग और राजनीतिक circles इस मामले को शहर की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही के नजरिए से गंभीरता से देख रहे हैं।









