बसंती दस्तार और ओढ़नी में साकची संगत ने किया शहीदी नगर कीर्तन का भव्य स्वागत

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साकची, झारखंड: सिखों के नवम गुरु श्री तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित शहीदी नगर कीर्तन का स्वागत साकची गुरुद्वारा की डयोढ़ी साहिब में जोश और श्रद्धा के साथ किया गया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान निशान सिंह ने संगत से आह्वान किया कि वे बसंती दस्तार और बसंती ओढ़नी धारण कर पुष्पवर्षा करते हुए गुरु साहब की पालकी का स्वागत करें।

इस भव्य अवसर पर डयोढ़ी साहिब रंगबिरंगी रोशनी से नूरानी हो गई और शबद कीर्तन की मधुर ध्वनि पूरे वातावरण को भक्तिमय बना रही थी। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी संगत में भाग लेकर गुरु साहब के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त किया।

निशान सिंह ने कहा कि यह शहीदी नगर कीर्तन केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि समस्त मानवता के लिए गुरु जी के संदेश—सत्य, सेवा और बलिदान को फैलाने का अवसर है। संगत ने रुमाला भेंट और पुष्पवर्षा के साथ गुरु साहब का स्वागत कर इस ऐतिहासिक पल को और भी यादगार बना दिया।

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