विधायक सरयू राय के आवास पर विधि-विधान से संपन्न हुई 25वीं रामार्चा पूजा, शुक्रवार को मिलेगा महाप्रसाद

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय के आवास पर आयोजित 25वीं रामार्चा पूजा गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति एवं विधिपूर्वक सम्पन्न हुई। बिष्टुपुर स्थित पूजा स्थल पर पांच विद्वान आचार्यों द्वारा पूजा की सम्पूर्ण प्रक्रिया को शास्त्रानुकूल रूप से सम्पन्न कराया गया।

पूजन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, टाटा स्टील के वाइस प्रेसीडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डी.बी. सुंदर रमण, कॉरपोरेट सर्विसेज प्रमुख प्रणय सिन्हा, और लैंड डिपार्टमेंट के प्रमुख अमित सिंह सहित कई गणमान्य जन उपस्थित हुए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामाश्रय प्रसाद सिंह और भाजपा के अन्य वरीय नेताओं ने भी पहुंचकर विधायक श्री राय को शुभकामनाएं दीं।

पूजन का आरंभ शांति पाठ एवं संकल्प से हुआ। पूजा चार आवरणों में सम्पन्न हुई — प्रथम में माता माहेश्वरी से लेकर भगवान महादेव तक समस्त देवी-देवताओं का पूजन हुआ, द्वितीय आवरण में श्री सरयू जी से लेकर विभीषण जी, तृतीय में दशरथ जी सहित उनके पुत्रों एवं हनुमान जी का पूजन तथा चतुर्थ आवरण में भगवान श्रीराम चंद्र जी की सपत्नीक राजारूप में पूजा सम्पन्न हुई। अंत में महामंत्रों के कीर्तन के साथ आरती व विश्राम हुआ।

पूजा का निर्देशन बेगूसराय से आए आचार्य गौरीशंकर ठाकुर ने किया। सहयोगी आचार्यगणों में विनोद पांडेय, धनजी पांडेय, धीरज पांडेय एवं घनश्याम मिश्रा शामिल रहे। पूजा के मुख्य यजमान विधायक सरयू राय थे, जबकि आकांक्षा नायर, अंशुल शरण, धर्मेंद्र तिवारी, सुनीता राय, पारुल सिंह आदि सहायक यजमान रहे।

श्रद्धालुओं के लिए उत्तम प्रसाद व सेवा व्यवस्था

पूजा में आए श्रद्धालुओं को साबुदाने की टिकिया (नमक रहित), साबुदाने की खीर, व चाय प्रसाद के रूप में वितरित की गई। राहगीरों को भी चाय दी गई, जिससे सामाजिक समरसता का सुंदर दृश्य उपस्थित हुआ।

शुक्रवार को महाप्रसाद वितरण

पूजा आयोजन के संयोजक आशुतोष राय ने जानकारी दी कि शुक्रवार सुबह 8 बजे रुद्राभिषेक होगा और दोपहर 12:30 बजे से मिलानी हॉल, बिष्टुपुर में महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं को हाथीकान पूड़ी, सब्जी, बुंदिया और चटनी का प्रसाद परोसा जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर पड़ोसी जिलों सहित बिहार एवं उत्तर प्रदेश से भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। यह आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बन चुका है।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.

और पढ़ें