टाटा स्टील यूआईएसएल ने जमशेदपुर में वर्षा जल संचयन पहल के साथ जल स्थिरता को दिया नया आयाम

SHARE:

Jamshedpur : शहरों में बढ़ते शहरीकरण, अनियमित वर्षा और भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण भारत के कई इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है। जमशेदपुर भी इस समस्या से अछूता नहीं है। यहां भी उद्योगों और नागरिकों के लिए पर्याप्त पेयजल आपूर्ति और भूजल स्तर बनाए रखने की चुनौती बनी हुई है। ऐसे समय में टाटा स्टील यूआईएसएल ने जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है।

 

जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और दीर्घकालिक जल लचीलापन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाटा स्टील यूआईएसएल ने जमशेदपुर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग – RWH) परियोजना शुरू की है। यह पहल टाटा स्टील यूआईएसएल के व्यापक पर्यावरणीय लक्ष्यों का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत नेट जीरो उत्सर्जन, परिपत्र अर्थव्यवस्था का संवर्धन, जैव विविधता का संरक्षण तथा 2030 तक खपत से अधिक ताजे जल की पुनःपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है।

 

वर्षा जल संचयन के अंतर्गत छतों और सतहों से गिरने वाले बारिश के पानी को टैंकों, गड्ढों, जलभृतों या रिचार्ज कुओं में एकत्रित किया जाता है। इस प्रक्रिया से वर्षा जल को व्यर्थ बहने से रोककर सीधे भूमि में पहुंचाया जाता है, जिससे भूजल स्तर में सुधार होता है और बाहरी जल स्रोतों पर निर्भरता कम होती है।

 

जल संरक्षण के बहुआयामी लाभ

यह प्रणाली भविष्य में जल संकट को कम करने, पीने योग्य पानी की बढ़ती मांग को पूरा करने, भूजल रिचार्ज बढ़ाने, बोरवेल की उत्पादकता और पानी की गुणवत्ता सुधारने, टैंकर और बाहरी आपूर्ति पर निर्भरता कम करने, पानी के बिलों में कटौती करने, सामुदायिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने, मिट्टी के कटाव को कम करने तथा समग्र जल पदचिह्न घटाने में सहायक है।

 

शहरभर में स्थापित की गई संरचनाएं

टाटा स्टील यूआईएसएल ने जुस्को स्कूल कदमा, साउथ पार्क, सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट, दयानंद पब्लिक स्कूल, ग्रीन एन्क्लेव, बेल्डीह लेक फ्लैट्स, गोल्फ व्यू, प्रोफेशनल फ्लैट्स, सारनाथ तालाब, एसएनटीआई लाइब्रेरी, जहांगीर गांधी मेमोरियल अस्पताल और प्रैक्सेयर सहित विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन प्रणाली को लागू किया है। वहीं अनिलसुर पथ सफेद तालाब और सीएफई परियोजना स्थल पर स्थापित बड़ी पुनर्भरण संरचनाएं सालाना 20,000 घन मीटर से अधिक जल भूमि में वापस पहुंचा रही हैं, जिससे स्थानीय जलभृतों को मजबूती मिल रही है और दीर्घकालिक जल आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।

 

जमशेदपुर को बनाया जा रहा जल-सुरक्षित शहर का मॉडल

टाटा स्टील यूआईएसएल के इस समन्वित और सामुदायिक सहभागिता वाले दृष्टिकोण के माध्यम से न केवल शहरी स्थिरता को नया स्वरूप दिया जा रहा है, बल्कि जमशेदपुर को भविष्य के हरित और जल-सुरक्षित शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में भी स्थापित किया जा रहा है।

Leave a Comment

और पढ़ें