जमशेदपुर : बिष्टुपुर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब का परिसर आज प्रेरणा, उत्साह और सम्मान की भावना से सराबोर रहा, जहां ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन द्वारा एक भव्य कार्यक्रम में आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 43 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और गौरव की भावना व्याप्त हो गई।
“युवाओं को उड़ान देने वाला कार्यक्रम” – अमरप्रीत सिंह काले
समाजसेवी और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अमरप्रीत सिंह काले ने बच्चों को सम्मानित करते हुए कहा:
“प्रतिभा को पहचान देना और उसका सार्वजनिक मंच पर सम्मान करना न केवल छात्रों के आत्मबल को बढ़ाता है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार और प्रेरित नागरिक भी बनाता है। यह आयोजन युवाओं को अपने सपनों की उड़ान भरने का हौसला देता है। ऐसे आयोजन प्रेरणा का बूस्टर डोज़ हैं, जो जीवनभर याद रहते हैं।”
“खुद से हो प्रतिस्पर्धा” – राजेश शर्मा
आधुनिक पावर के वाइस प्रेसिडेंट श्री राजेश शर्मा, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा:
“सच्ची प्रतियोगिता किसी और से नहीं, बल्कि खुद से होनी चाहिए। अगर छात्र खुद को हर दिन बेहतर करने की ठान लें, तो दुनिया की कोई शक्ति उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। सफलता का असली रहस्य आत्मविकास में छिपा है।”
“बच्चों का सम्मान, समाज का सम्मान” – सतनाम सिंह गंभीर
कार्यक्रम के आयोजक और ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन के अध्यक्ष श्री सतनाम सिंह गंभीर ने भावुक होते हुए कहा:
“इन बच्चों को सम्मानित करते हुए ऐसा लग रहा है जैसे हम स्वयं को सम्मानित कर रहे हैं। यह आत्मिक संतोष का क्षण है। जब समाज अपने भविष्य को संवारता है, तभी एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।”
मुख्य अतिथियों को भी किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान श्री अमरप्रीत सिंह काले और श्री राजेश शर्मा को फेडरेशन की ओर से शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच पर सम्मान समारोह में श्री बृज भूषण सिंह और श्री सतनाम सिंह गंभीर ने भी सहभागिता निभाई।
गौरवमयी उपस्थिति
इस प्रेरणादायक अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
सोनारी गुरुद्वारा कमेटी अध्यक्ष श्री तारा सिंह
टूईलाडूंगरी गुरुद्वारा के श्री रणजीत सिंह
अवतार सिंह, मनजीत सिंह गिल, दिलबाग सिंह, महिंदर सिंह भुई
इंद्रपाल सिंह भाटिया, मनदीप सिंह शैंकी, अमरजीत सिंह, मनमीत लूथरा
परविंदर सिंह भाटिया, मनवीर सिंह कंग, नानक सिंह
राघवेंद्र सिंह, रुपेश शर्मा, जोगिंदर सिंह सहित अन्य अनेक गणमान्यजन और अभिभावक भी इस आयोजन का हिस्सा बने।
विद्यार्थियों के लिए बनी प्रेरणा की मिसाल
यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के लिए सम्मान का अवसर था, बल्कि समस्त समाज के लिए यह एक संदेश था कि शिक्षा, मेहनत और लगन की पहचान और उसका सम्मान समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को दिशा और ऊर्जा मिलती है।