Jamshedpur: घाटशिला से जिला परिषद सदस्य करण सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। घाटशिला पुलिस द्वारा उन्हें एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के विरोध में जमशेदपुर जिला परिषद की अध्यक्ष बारी मुर्मू समेत कई जिला परिषद सदस्य वरीय आरक्षी अधीक्षक (SSP) से मिले और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने आरोप लगाया कि करण सिंह एक नाले के निर्माण की जांच को लेकर मौके पर गए थे, जहां एक निर्माणाधीन भवन भी था। यह भवन पहले जिला परिषद से स्वीकृत हुआ था लेकिन बाद में किसी कारणवश स्वीकृति रद्द कर दी गई थी। जनता की शिकायत पर मौके पर पहुंचे करण सिंह को स्थानीय पुलिस ने बिल्डर से मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और रात भर थाने में रखकर सुबह जेल भेज दिया गया।

बारी मुर्मू ने इसे पुलिस की “सरासर मनमानी” करार देते हुए कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार न केवल लोकतंत्र का अपमान है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने SSP से मांग की कि थाना प्रभारी और स्थानीय पुलिस की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।










