Mukhisamaj : मुखी समाज ने जाति प्रमाण पत्र के पुराने सिस्टम की बहाली की मांग की

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Jamshedpur : झारखंड के मुखी समाज ने जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय को एक ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की पूर्ववर्ती व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पहले मुखिया या स्थानीय पदाधिकारी की अनुशंसा पर जाति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता था, जो अब बंद कर दिया गया है।



मुखी समाज के प्रतिनिधियों — मनोज मुखी, सुरेश मुखी, राजू मुखी, नितिन मुखी, संदीप मुखी, देव मुखी, संजय कंसारी, पोरेस मुखी और अनिकेत मुखी — ने विधायक को सौंपे ज्ञापन में कहा कि वे झारखंड के मूलवासी हैं और उनकी कई पीढ़ियां यहीं बसी हैं। समाज के अधिकांश लोग भूमिहीन हैं और मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं।



उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में जाति प्रमाण पत्र के लिए खतियान की मांग की जा रही है, जबकि उनके पास ज़मीन ही नहीं है, तो खतियान कैसे उपलब्ध करा पाएंगे। इस कारण समाज के युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है, क्योंकि बिना जाति प्रमाण पत्र के उन्हें सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा।



समाज के लोगों ने विधायक से अनुरोध किया है कि पूर्व की व्यवस्था को बहाल किया जाए ताकि मुखिया अथवा वार्ड सदस्य की अनुशंसा पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जा सके और समाज को उसका संवैधानिक अधिकार मिल सके।

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