Jamshedpur: मेटालसा वर्कर्स यूनियन के आंदोलन को आज एक बड़ा राजनीतिक समर्थन मिला, जब कोल्हान मजदूर संघ के नेता एवं पूर्व विधायक श्री अरविंद सिंह उर्फ़ मलखान सिंह ने यूनियन के महामंत्री मो. अफरोज से टीएमएच अस्पताल में मुलाकात की। अफरोज की गंभीर हालत को देखते हुए उन्होंने डॉक्टरों से बात कर बेहतर इलाज की मांग की और यूनियन को आश्वस्त किया कि वे इस लड़ाई में हर स्तर पर साथ खड़े रहेंगे।

बताया जा रहा है कि यूनियन महामंत्री मो. अफरोज मानसिक प्रताड़ना के कारण गंभीर डिप्रेशन में हैं। यूनियन का आरोप है कि कंपनी के प्लांट हेड द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न किए जाने से उनका स्वास्थ्य बिगड़ा है। इस पर कांग्रेस नेता मोहम्मद नौशाद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अफरोज के स्वस्थ होते ही कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सशक्त संघर्ष छेड़ा जाएगा।

यूनियन की शिकायत पर मुख्य कारखाना निरीक्षक, झारखंड ने सरायकेला कारखाना निरीक्षक को एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया है। यह मेटालसा वर्कर्स यूनियन के संघर्ष की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
स्वीकृत माँगें और उपलब्धियाँ:
‘बैंक आवर’ प्रणाली स्थायी कर्मचारियों के लिए समाप्त
B शिफ्ट की पुनर्बहाली
ठेका मजदूरों को वार्षिक बोनस
हाउसकीपिंग स्टाफ को स्थायी कर्मचारियों जैसी कैंटीन सुविधा
अस्थायी और ठेका कर्मचारियों को दोगुना ओवरटाइम

आपको बताते चले 3 मार्च 2025 को मेटालसा वर्कर्स यूनियन ने शोषण और दमन के खिलाफ हड़ताल शुरू की थी। 15 वर्षों से चल रहे अन्याय के खिलाफ यह आंदोलन एक न्यायिक संघर्ष में बदल गया। यूनियन के गठन के बाद प्रबंधन ने इसे तोड़ने की कोशिश की, लेकिन मजदूरों की एकता ने 90% माँगों को मनवाने में सफलता दिलाई, जिसके बाद 24 मार्च को आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया। कंपनी द्वारा गठित विशेष समिति 16 मई को मेक्सिको से आई है। यदि शेष माँगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो यूनियन ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

यूनियन अध्यक्ष राजीव पांडे ने कहा मैं अभी निजी कार्य से बाहर हूँ, लेकिन यूनियन की हर गतिविधि पर नज़र है। हम कंपनी को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहते, बल्कि मजदूरों को उनका अधिकार दिलाना चाहते हैं। अगर समाधान नहीं मिला, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संघर्ष ही जीत की नींव है। जब मजदूर संगठित होते हैं, तो कोई भी ताकत उनकी आवाज को दबा नहीं सकती।”









