निराश्रित बच्चों की पहचान और अधिकार सुनिश्चित करने “साथी” अभियान को मिली गति, जिला स्तर पर कमेटी गठित

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Jamshedpur  : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA), नई दिल्ली द्वारा शुरू किए गए “साथी” अभियान के तहत निराश्रित एवं बेसहारा बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA), रांची के निर्देशानुसार पूर्वी सिंहभूम जिले में “साथी” अभियान के क्रियान्वयन हेतु जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।

इस कमेटी का गठन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अरविन्द कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में किया गया। अभियान का मूल उद्देश्य है कि कोई भी निराश्रित बच्चा आधार कार्ड और शिक्षा सहित अन्य आवश्यक सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे।

गठित जिला “साथी” कमेटी की अध्यक्षता सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार धर्मेन्द्र कुमार करेंगे। इसके अन्य सदस्यों में शामिल हैं—जिला महिला एवं बाल विकास पदाधिकारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर, चिकित्सा एवं शिक्षा पदाधिकारी, आधार पंजीकरण प्रतिनिधि प्रिया, बालगृह और अन्य आश्रय गृहों के प्रतिनिधि, पैनल अधिवक्ता सुगी मुर्मू, लक्ष्मी बिरुवा, शमसाद खान, दिनेश कुमार साहू और चार पीएलवी (पैरा लीगल वालंटियर्स)।

कमेटी के गठन के बाद सभी सदस्यों के लिए एक ओरिएंटेशन प्रोग्राम भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें अभियान से संबंधित जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया। निर्णय लिया गया कि 26 मई से 26 जून तक एक सघन अभियान चलाकर बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए प्रखंड और तालुका स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का यह प्रयास एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल बनकर सामने आया है, जो समाज के सबसे वंचित वर्ग—निराश्रित बच्चों—को न्याय, शिक्षा और सम्मान का अधिकार दिलाने की दिशा में अग्रसर है।

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