एक देश, एक चुनाव” पर जिला बार एसोसिएशन का सेमिनार, झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश शुक्ल ने रखा पक्ष

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जमशेदपुर, 29 अप्रैल 2025।
द्रुत और सुदृढ़ लोकतंत्र की दिशा में “एक देश, एक चुनाव” की अवधारणा पर आज जिला बार एसोसिएशन द्वारा एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अहम सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड स्टेट बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश कुमार शुक्ल ने विचार रखे।

चुनावी प्रणाली में समरसता और संसाधन की बचत की दिशा में कदम



राजेश शुक्ल ने अपने संबोधन में कहा कि “एक देश, एक चुनाव” की नीति न केवल देश के संसाधनों की बचत करेगी, बल्कि शासन व्यवस्था को भी अधिक प्रभावशाली बनाएगी। बार-बार चुनावों की वजह से उत्पन्न होने वाली राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक बाधाएं इससे कम होंगी। उन्होंने कहा,
“यह पहल भारत के लोकतंत्र को एक नई दिशा दे सकती है, बशर्ते इसे समावेशी और निष्पक्ष तरीके से लागू किया जाए।”

विधिक बिरादरी का अहम योगदान

सेमिनार में भाग लेने वाले अन्य अधिवक्ताओं और विधिज्ञों ने भी इस विचार पर चर्चा करते हुए इसके संभावित लाभ और चुनौतियों को रेखांकित किया। कई वक्ताओं ने कहा कि इस विषय पर देशव्यापी जनमत और विधिक विमर्श आवश्यक है, जिसमें बार एसोसिएशन जैसे संगठनों की भूमिका निर्णायक हो सकती है।

आयोजन को मिली अधिवक्ताओं की सराहना

कार्यक्रम में जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी, अधिवक्ता और विधि छात्रों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। सेमिनार ने न सिर्फ “एक देश, एक चुनाव” की संकल्पना पर रोशनी डाली, बल्कि इसे लेकर कानूनी और संवैधानिक दृष्टिकोण से गहन मंथन का अवसर भी प्रदान किया।

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