Joda: ओडिशा स्थित टाटा स्टील के जोड़ा क्लस्टर की लौह एवं मैंगनीज खदानों ने 27वें माइंस एनवायरनमेंट एंड मिनरल कंजर्वेशन वीक 2025–26 समारोह में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 14 पुरस्कार अपने नाम किए। यह समारोह भुवनेश्वर में इंडिया ब्यूरो ऑफ माइंस (आईबीएम) के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
समारोह में जोड़ा ईस्ट आयरन माइन को कैटेगरी-ए के अंतर्गत मिनरल बेनिफिशिएशन एवं रिक्लेमेशन एंड रिहैबिलिटेशन में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसके अलावा, ओवरऑल प्रदर्शन में भी इस खदान को दूसरा स्थान हासिल हुआ।
खोंडबोंड आयरन एवं मैंगनीज माइन को मिनरल बेनिफिशिएशन और रिक्लेमेशन एंड रिहैबिलिटेशन में तृतीय पुरस्कार मिले। वहीं कातामाटी आयरन माइन ने सिस्टमेटिक साइंटिफिक डेवलपमेंट में प्रथम तथा मिनरल कंजर्वेशन में तृतीय पुरस्कार प्राप्त कर अपनी उत्कृष्टता साबित की।
कैटेगरी-बी में इस्पात निगम लिमिटेड की खदान को रिक्लेमेशन एंड रिहैबिलिटेशन में द्वितीय पुरस्कार मिला। जोड़ा वेस्ट आयरन एवं मैंगनीज माइन ने अफॉरेस्टेशन और सिस्टमेटिक एंड साइंटिफिक डेवलपमेंट में प्रथम स्थान हासिल किया, साथ ही ओवरऑल प्रदर्शन में भी पहला पुरस्कार जीता।
बामेबारी आयरन एवं मैंगनीज माइन को रिक्लेमेशन एंड रिहैबिलिटेशन में प्रथम तथा सस्टेनेबल डेवलपमेंट में तृतीय पुरस्कार मिला, जबकि तिरिंगपहाड़ आयरन एवं मैंगनीज माइन को अफॉरेस्टेशन में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंकज कुलश्रेष्ठ ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर आईबीएम के वरिष्ठ अधिकारी, टाटा स्टील के पदाधिकारी, विभिन्न खदानों के प्रमुख, यूनियन प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
टाटा स्टील ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी सतत खनन (सस्टेनेबल माइनिंग) और खनिज संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन कर रही है।









