Jamshedpur: टाटा पावर कंपनी में स्थानीय ठेकेदार को काम देने के बावजूद उसे काम शुरू नहीं करने देने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड (TPL) द्वारा स्थानीय ठेकेदार दिलीप सिंह को कंपनी में साफ-सफाई का कार्य सौंपा गया है, जिसका विधिवत वर्क ऑर्डर भी जारी किया गया है। इसके बावजूद कंपनी गेट पर उनके पोकलेन और अन्य सफाई संसाधनों को अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के स्थानीय नेता एवं सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष राजेश सामंत मौके पर पहुंचे और टाटा पावर प्रोजेक्ट के हेड मनोज सामियार से फोन पर बात की। श्री सामियार ने अगले दिन सुबह 11 बजे कंपनी गेट पर आकर वार्ता करने की सहमति दी है।

राजेश सामंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि स्थानीय लोगों का हक छीनकर बाहरी लोगों को काम दिया गया तो झामुमो मजदूर नेता और सामाजिक सेवा संघ के सदस्य इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने एलान किया कि ऐसे किसी भी पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ टाटा पावर कंपनी गेट पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

इस दौरान कई प्रमुख स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे जिनमें शामिल हैं—मुखिया शिवलाल लोहरा, झारखंड आंदोलनकारी नेता छोटे सरदार, पिंकी सिंह, सुलोचना लोहरा, जगन्नाथ मांझी, अनिल लोहार, दीपक कुमार, पूर्णिमा पाल, चंदन कुमार, शशि लोहरा, रणजीत चौरसिया, और मनमोहन लोहरा। प्रदर्शन की चेतावनी के साथ अब सभी की निगाहें कंपनी और स्थानीय नेतृत्व के बीच होने वाली कल की वार्ता पर टिकी हैं।









