श्री सारदा संघ का 58वां वार्षिक सम्मेलन आयोजित, मां सारदादेवी के आदर्शों से आध्यात्मिक चेतना का संदेश

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Jamshedpur : आध्यात्मिक संगठन श्री सारदा संघ, जमशेदपुर शाखा का 58वां वार्षिक सम्मेलन भारत सेवाश्रम संघ प्रेक्षागृह में श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में भक्तों एवं संगठन के सदस्यों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कोलकाता के बागबाजार स्थित मां के घर की ‘उद्बोधन’ पत्रिका के संपादक स्वामी कृष्णाथानंदजी महाराज, जमशेदपुर रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सोसाइटी के स्वामी तुरियात्मानंदजी महाराज तथा भारत सेवाश्रम संघ, जमशेदपुर शाखा के सचिव स्वामी मुक्तात्मानंदजी महाराज ने किया।

श्री सारदा संघ की जमशेदपुर शाखा की सचिव झरना कर ने स्वागत भाषण दिया। मुख्य वक्ता स्वामी कृष्णाथानंदजी महाराज ने श्रीश्री मां सारदादेवी के जीवन, संदेश और आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके मानव-प्रेम, आध्यात्मिक चेतना और जीवन-दर्शन की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।

सम्मेलन के दूसरे सत्र में कोलकाता से आए प्रोफेसर अरिजीत सरकार ने अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर सोनारी तरुण संघ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया तथा संस्था को अनुदान भी प्रदान किया गया।

‘अनंत रूपिणी मां सारदा’ ने किया भावविभोर

कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में विकास बनर्जी ने भक्तिगीत प्रस्तुत किया। वहीं श्री सारदा संघ की सदस्यों ने संगीत आलेख ‘अनंत रूपिणी मां सारदा’ की आकर्षक प्रस्तुति देकर उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

प्रस्तुति में झरना कर, अदिति सेनगुप्ता, सुप्रीति विश्वास, स्वप्ना चटर्जी, बुलबुल मुखर्जी, मंजू चक्रवर्ती, संगीता भट्टाचार्य, पुष्पा प्रामाणिक, रीना, राखी, मौसुमी एवं कावेरी सरकार ने भाग लिया। संगीत प्रस्तुति में तबले पर पार्थसारथी दास तथा खंजनी पर अजय प्रामाणिक ने संगत की।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना रहा। सम्मेलन के माध्यम से मां सारदादेवी के आदर्शों और उनके मानवतावादी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया।

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