Chaibasa : सारंडा क्षेत्र के करमपदा और मेघाहातुबुरु लोडिंग साइडिंग के बीच स्थित टेकअप प्वाइंट के समीप रेलवे द्वारा करीब 1100 वर्गफीट क्षेत्र में भवन निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इस निर्माण को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस भवन में रेलकर्मियों की नियुक्ति होती है और नई परिचालन व्यवस्था लागू की जाती है, तो मालगाड़ियों के अनावश्यक ठहराव में कमी आएगी और आवागमन सुचारु हो सकेगा। वर्तमान में इस टेकअप प्वाइंट पर ट्रेनों के घंटों खड़े रहने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बताया जाता है कि Steel Authority of India Limited की मेघाहातुबुरु और किरीबुरू खदानों से लौह अयस्क की ढुलाई रेलवे के माध्यम से की जाती है। मेघाहातुबुरु से निकलने वाली मालगाड़ियां इस टेकअप प्वाइंट पर लंबे समय तक खड़ी रहती हैं, जिसके बाद करमपदा स्टेशन से रेलकर्मियों को मोटरसाइकिल या पैदल भेजकर प्रक्रिया पूरी कराई जाती है।
इस दौरान घंटों तक रास्ता बाधित रहता है। यह टेकअप प्वाइंट सारंडा के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे वन क्षेत्र और ग्रामीण सड़कें गुजरती हैं। मालगाड़ी के खड़े रहने से ग्रामीणों की आवाजाही रुक जाती है, मरीजों को अस्पताल ले जाने में कठिनाई होती है, पर्यटकों को इंतजार करना पड़ता है और सुरक्षा बलों व वन विभाग के कार्यों में भी बाधा आती है।
ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे। अब निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों को उम्मीद है कि इस दिशा में ठोस पहल की जा रही है।
वहीं करमपदा स्टेशन मास्टर Sanjay Das ने बताया कि निर्माण कार्य हो रहा है, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि भवन का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि यदि यहां सिग्नल या ऑपरेटिंग रूम बनता है, तो इससे रेलवे और आम जनता दोनों को लाभ होगा।
Saranda railway construction : टेकअप प्वाइंट पर बन रहा भवन, ग्रामीणों को जाम से मिलेगी राहत की उम्मीद
The News Blast
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