सरायकेला में निजी स्कूलों की फीस पर सख्ती, अधिकतम 10% वृद्धि की सीमा तय, नियम उल्लंघन पर कार्रवाई

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Seraikela : जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी फीस पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त Nitish Kumar Singh की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में तय किया गया कि सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही शुल्क वृद्धि कर सकेंगे। इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि एक बार बढ़ाई गई फीस न्यूनतम दो वर्षों तक लागू रहेगी।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि विद्यालय पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों और सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी समिति को उपलब्ध कराएं, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रबंधन समिति द्वारा शुल्क वृद्धि का निर्णय संचालन समिति की सहमति के बाद ही लिया जाएगा।


अभिभावकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया कि प्रवेश, पुनः नामांकन या किसी अन्य नाम पर अवैध शुल्क की वसूली नहीं की जाएगी। किसी भी शिकायत पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा विद्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताब, कॉपी या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेंगे।


सभी निजी विद्यालयों में शुल्क समिति और अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन अनिवार्य किया गया है। इसकी जानकारी विद्यालय की वेबसाइट और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।


बैठक में विद्यालय वाहनों में ओवरलोडिंग पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में नहीं बैठाया जाएगा और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।


उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि निजी विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे शुल्क का विस्तृत ब्रेकअप एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराया जाए। साथ ही Right to Education Act के तहत पात्र बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के हितों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.