Jamshedpur:सड़क सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और समुदाय के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। टाटा स्टील के चीफ सेफ्टी नीरज कुमार सिन्हा ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बीते वर्ष पूर्वी सिंहभूम जिले में 273 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 176 लोगों की जान चली गई। इनमें से 100 से अधिक मौतें केवल हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनने के कारण हुईं।
नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं रोकी जा सकती थीं और इसके लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। नागरिकों को भी जिम्मेदार व्यवहार अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील जिला प्रशासन और यातायात अधिकारियों के साथ मिलकर शहर एवं टाउनशिप क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने जमशेदपुर के कई हाई-रिस्क ट्रैफिक क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए कहा कि एग्रीको ट्रैफिक सिग्नल, मानगो गोलचक्कर, साईं मंदिर रोड, बिष्टुपुर, केएस लिंक रोड, जुगसलाई मेन रोड और आदित्यपुर मेन रोड पर विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। तेज रफ्तार, जोखिम भरी ओवरटेकिंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। इसके साथ ही सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग को भी उन्होंने जाम और हादसों का बड़ा कारण बताया।
नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि टाटा स्टील की पहल पर सड़क इंजीनियरिंग सुधार, संकेतक और रोड मार्किंग, स्कूलों व बाजारों में जागरूकता अभियान, पुलिस एवं परिवहन विभाग के साथ सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा हेलमेट और सीट बेल्ट अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि एक सुरक्षित जमशेदपुर केवल नियमों से नहीं बनता, बल्कि इसकी शुरुआत हम सभी के सही निर्णयों से होती है।
उन्होंने संदेश देते हुए कहा—
हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग न करें
पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों का सम्मान करें
ट्रैफिक सिग्नल, लेन अनुशासन और गति सीमा का पालन करें
जिम्मेदारीपूर्वक वाहन पार्क करें









