Seraikela : राजनगर के रोला स्थित पंडित रघुनाथ मुर्मू चौक पर आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से संताली भाषा की ऑलचिकी लिपि के जनक पंडित रघुनाथ मुर्मू की 121वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी रीति-रिवाज के साथ नायके बाबा कादे मुर्मू के नेतृत्व में पूजा-अर्चना कर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने गुरू गोमके को श्रद्धांजलि अर्पित कर शत-शत नमन किया।
इस अवसर पर रोला माझी बाबा सुगनाथ हेंब्रोम ने संबोधित करते हुए कहा कि 5 मई पंडित रघुनाथ मुर्मू का जन्मदिवस है, जिसे झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम सहित विभिन्न राज्यों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि पंडित मुर्मू का जन्म 5 मई 1905 को मयूरभंज जिले के डांडबुस गांव में हुआ था।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2011 में रोला चौक पर पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा स्थापित कराने वाले स्वर्गीय विष्णु मुर्मू एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय कॉपरा मुर्मू को भी श्रद्धापूर्वक याद किया गया। वक्ताओं ने उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
इस मौके पर जोगमाझी बाबा दन्दुचरण हेम्ब्रोम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।











