नवनियुक्त सहायक आचार्यों का दो दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण डायट चैनपुर में प्रारंभ

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Chainpur:पश्चिमी सिंहभूम जिले में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नवनियुक्त सहायक आचार्यों का दो दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण बुधवार से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), चैनपुर में प्रारंभ हुआ। यह गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कक्षा 6 से 8 तक के भाषा, सामाजिक विज्ञान एवं विज्ञान विषयों के नवनियुक्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए आयोजित किया गया है।
प्रशिक्षण का शुभारंभ प्रातः 10 बजे दीप प्रज्वलन एवं वंदना के साथ हुआ। पहले दिन का सत्र संध्या 4.30 बजे तक चला, जिसमें प्रशिक्षण को तीन चरणों में सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। उद्घाटन सत्र में विद्यालय विकास हेतु उन्मुखीकरण विषय पर अनिल कुमार (संकाय सदस्य) एवं अभिमन्यु महतो (सहायक शिक्षक, उर्दू मध्य विद्यालय सिमिदिरी, चक्रधरपुर) ने विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यालयी वातावरण, शिक्षक की भूमिका एवं गुणवत्ता-आधारित शिक्षण पर जोर दिया।
इसके पश्चात 11.30 बजे से 1.30 बजे तक विद्यालय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रम तथा प्रोजेक्ट रेल विषय पर गौरव कुमार झा (सी-3) एवं महिमा सांगा (संकाय सदस्य) ने सत्र लिया। इस दौरान नवनियुक्त आचार्यों को विद्यार्थियों के समग्र विकास, स्वास्थ्य-सुरक्षा तथा परियोजना-आधारित शिक्षण की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
भोजनावकाश के बाद दूसरे सत्र में विद्यालय प्रबंधन समिति (VMC) एवं अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) के उद्देश्य, संरचना एवं प्रभावी संचालन के विभिन्न आयामों पर मो. मुजम्मिल अहमद (प्रखंड साधन सेवी, खूंटपानी) ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समुदाय की सहभागिता को विद्यालय विकास की रीढ़ बताया।
प्रथम दिवस के प्रशिक्षण में शामिल लगभग 150 नवनियुक्त आचार्यों में विशेष उत्साह और संतोष देखने को मिला। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को व्यवहारिक, मार्गदर्शक और प्रेरणादायी बताया।
दूसरे दिन, गुरुवार को ई-विद्या वाहिनी, डाटा निर्माण, कंप्यूटर संबंधी जानकारी, रोकड़ पंजी व अन्य रजिस्टरों का संधारण, एफएलएन (Foundational Literacy & Numeracy), प्रोजेक्ट इंपैक्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम नवनियुक्त आचार्यों को विद्यालयी व्यवस्था, शैक्षणिक दायित्वों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।

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