Ncst hearing jharkhand : NCST की सख्ती, 21 मामलों की सुनवाई, CCL को मुआवजा देने का आदेश, JSSC भर्ती पर उठे सवाल

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Ranchi : National Commission for Scheduled Tribes (NCST) नई दिल्ली की ओर से सर्कुलर रोड स्थित न्यू सर्किट हाउस में 21 मामलों की सुनवाई की गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों का निपटारा किया गया, जबकि कुछ मामलों में आयोग ने सख्त निर्देश भी जारी किए। आयोग ने हजारीबाग निवासी मालती देवी की शिकायत का पहली ही तिथि में समाधान कर दिया। वहीं खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग से जुड़े एक मामले में विभागीय सचिव को समन जारी करने का निर्देश दिया गया।

रामगढ़ निवासी बेनी राम मांझी को भूदान में मिली जमीन के लगान निर्धारण और रसीद जारी करने से संबंधित शिकायत का भी समाधान किया गया। इसके अलावा Central Coalfields Limited (CCL) से जुड़े मामले में कालेश्वर गंझू की शिकायत पर आयोग ने मुआवजा भुगतान करने का निर्देश दिया, जिस पर CCL के CMD ने सहमति जताई। साथ ही नौकरी देने के मामले में जांच के बाद विचार करने की बात कही गई।



वहीं Jharkhand Staff Selection Commission से जुड़े मामले में सुनवाई के दौरान अभ्यर्थी रूपा कुमारी ने आरोप लगाया कि खातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (हिंदी) परीक्षा में सफल होने और दस्तावेज सत्यापन के बावजूद उन्हें अंतिम मेरिट सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने आदिम जनजाति आरक्षण प्रावधानों के पालन नहीं होने का आरोप लगाया।

इस पर JSSC ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जनजाति के लिए 26% आरक्षण में 2% पद आदिम जनजाति के लिए सुरक्षित हैं। यदि कोई आदिम जनजाति अभ्यर्थी सामान्य मेरिट में चयनित हो जाता है, तो अलग से आरक्षित पद भरना आवश्यक नहीं होता।

हालांकि, अभ्यर्थी की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि कुल 163 पदों में अनुसूचित जनजाति के लिए अपेक्षित पदों से कम नियुक्तियां की गईं और आरक्षण नियमों का पूर्ण पालन नहीं हुआ। आयोग ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी है और संबंधित पक्षों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

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