यादों और भावनाओं का संगम: हिलटॉप ओड़िया स्कूल का स्वर्ण जयंती समापन समारोह बना ऐतिहासिक

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Guwa : हिलटॉप स्थित ओड़िया स्कूल के स्वर्ण जयंती समापन समारोह ने एक ऐतिहासिक पल को साकार किया, जहां कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन न रहकर पीढ़ियों के मिलन, भावनाओं के उमड़ते सैलाब और पुरानी यादों के पुनर्जीवन का माध्यम बन गया। पूरे समारोह में उत्साह, अपनापन और भावुकता का अनूठा संगम देखने को मिला।

समापन समारोह में किरीबुरू खदान के सीजीएम (माइंस) प्रशांत मनोहर राव शिरपुरकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में वे भावुक हो उठे और स्कूल के दिनों को याद करते हुए कहा कि स्वर्ण जयंती तो महज एक बहाना है, असली खुशी पुराने दोस्तों से मिलकर उन्हें गले लगाने में है। उन्होंने एलुमनी को ऐसे आयोजन नियमित रूप से करने की अपील की।

कार्यक्रम की शुरुआत में जीएम इलेक्ट्रिकल नवीन सोनकुसरे और सिविल विभाग के एजीएम प्रशांत पांडा द्वारा स्वर्ण जयंती स्मारिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर द्रौपदी मुर्मू का विशेष संदेश भी पढ़कर सुनाया गया, जिसने समारोह की गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की।

विद्यालय के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंधिया ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि सुदीप दास का स्वागत करते हुए आयोजन समिति, एलुमनी टीम और देश-विदेश से जुड़े सभी पूर्व छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जो लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से इस ऐतिहासिक पल को महसूस किया।

दो दिवसीय इस समारोह का लाइव प्रसारण भी किया गया, जिससे देश-विदेश में बसे सैकड़ों एलुमनी इस आयोजन से जुड़े रहे। ऑनलाइन जुड़े लोगों की प्रतिक्रियाओं में भी वही भावना दिखी—काश वे भी इस पल का हिस्सा बन पाते।

समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा कटक से आए कलाकारों की ऑर्केस्ट्रा टीम का रंगारंग कार्यक्रम रहा, जहां पुराने गीतों पर पूर्व छात्र-छात्राएं, आयोजन समिति के सदस्य और स्थानीय लोग देर रात तक झूमते रहे। माहौल ऐसा था मानो समय ठहर गया हो और हर कोई अपने सुनहरे अतीत को फिर से जी रहा हो।

रात करीब एक बजे तक चले इस कार्यक्रम में उत्साह, संगीत और अपनापन हर पल झलकता रहा, जिसने इस स्वर्ण जयंती समारोह को सभी के लिए यादगार बना दिया।

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